भारतीय स्टेट बैंक की एजुकेशन लोन योजना के तहत विद्यार्थियों को 7.5 लाख रुपये तक बिना सिक्योरिटी ऋण देने की जानकारी मेरठ की एक शाखा के वरिष्ठ प्रबंधक ने दी है. उन्होंने ऋण की किस्त शुरू होने के समय, कम आय वाले परिवारों के लिए ब्याज माफी और आवेदन के जरूरी दस्तावेजों के बारे में भी बताया.
मेरठ. भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की एजुकेशन लोन योजना के तहत उच्च शिक्षा के लिए विद्यार्थियों को 7.5 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराने की जानकारी दी गई है. दिल्ली रोड स्थित एसबीआई शाखा के वरिष्ठ प्रबंधक सोहन सिंह के अनुसार, इस राशि तक के ऋण के लिए सिक्योरिटी देने की जरूरत नहीं है. उन्होंने ऋण की किस्त शुरू होने और कम आय वाले परिवारों के लिए ब्याज माफी से जुड़ी शर्तों की भी जानकारी दी.
कोर्स के बाद शुरू होंगी किस्तें
शाखा के वरिष्ठ प्रबंधक सोहन सिंह ने बताया कि ऋण चुकाने की किस्तें कोर्स की अवधि के आधार पर शुरू होंगी. उनके अनुसार, पांच साल के पाठ्यक्रम में पढ़ने वाले विद्यार्थी को पांच साल बाद और तीन साल के पाठ्यक्रम वाले विद्यार्थी को तीन साल बाद किस्त देनी शुरू करनी होगी.
उन्होंने बताया कि इस व्यवस्था का उद्देश्य विद्यार्थियों को पढ़ाई पूरी करने और रोजगार पाने के लिए समय देना है, ताकि वे इसके बाद ऋण की किस्त चुका सकें.
कम आय पर ब्याज माफी
सोहन सिंह के मुताबिक, जिन विद्यार्थियों के माता-पिता की वार्षिक आय 4.5 लाख रुपये से कम है, उन्हें ब्याज माफी का लाभ मिल सकता है. इसके लिए बैंक में आय प्रमाण पत्र जमा करना होगा.
उन्होंने बताया कि यह सुविधा शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले विद्यार्थियों के लिए भी उपलब्ध है. हालांकि, ब्याज माफी की पात्रता और लागू शर्तों की पुष्टि बैंक से करना जरूरी है.
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
एजुकेशन लोन के लिए विद्यार्थी को 12वीं कक्षा की मार्कशीट और संबंधित शैक्षणिक प्रमाण पत्र देने होंगे. इसके अलावा, जिस पाठ्यक्रम में प्रवेश लेना है, उसकी सालाना फीस का विवरण भी जमा करना होगा.
बीटेक, एमटेक, बीबीए, एमबीए और मेडिकल सहित अन्य पाठ्यक्रमों के लिए वर्षवार फीस का ब्योरा देना होगा. शाखा प्रबंधक के अनुसार, स्वीकृत ऋण की राशि एकमुश्त उपलब्ध कराई जाएगी.

