Lalluram Desk. शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने शनिवार को बेअंत सिंह की पुण्यतिथि पर एक कार्यक्रम आयोजित किया। बेअंत सिंह उन अंगरक्षकों में से एक था, जो 1984 में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के लिए जिम्मेदार थे। यह कार्यक्रम अमृतसर में स्वर्ण मंदिर परिसर के भीतर स्थित गुरुद्वारा शहीद बाबा गुरबख्श सिंह में आयोजित किया गया।
इस दौरान बेअंत सिंह के परिवार के सदस्य भी मौजूद थे। SGPC के अधिकारियों ने उन्हें पारंपरिक सम्मान-वस्त्र ‘सिरोपा’ भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम में समुदाय के कई लोग और विभिन्न नेता शामिल हुए, जिन्होंने उस दौर के ऐतिहासिक महत्व पर चर्चा की।
1984 की सैन्य कार्रवाई पर विचार
इस समारोह में कई प्रमुख हस्तियों ने अपने विचार रखे, जिनमें स्वर्ण मंदिर के ग्रंथी ज्ञानी राजदीप सिंह भी शामिल थे। उन्होंने वहां मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए 1984 की सैन्य कार्रवाई के दीर्घकालिक प्रभावों पर बात की। उन्होंने कहा कि इस घटना ने सिख समुदाय पर गहरे और कभी न भरने वाले घाव छोड़े हैं।
कार्यक्रम में दमदमी टकसाल के पूर्व प्रवक्ता मोहकम सिंह और कट्टरपंथी नेता जरनैल सिंह सखीरा सहित कई लोग शामिल हुए। इसके अलावा, दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (DSGMC) के पंजाब प्रभारी मंजीत सिंह भोमा भी इस कार्यक्रम में मौजूद थे। वक्ताओं ने 1984 के ऑपरेशन के ऐतिहासिक संदर्भ और समुदाय पर इसके निरंतर प्रभाव पर जोर दिया। उन्होंने इस पुण्यतिथि को उन पुरानी शिकायतों और पीड़ाओं को याद करने के एक अवसर के रूप में प्रस्तुत किया।
Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m

