अजयारविंद नामदेव, शहडोल। कानून की रक्षा करने की जिम्मेदारी जिन कंधों पर है, जब उन्हीं पर कानून तोड़ने के आरोप लगें तो सवाल उठना लाजिमी है। शहडोल जिले के बुढ़ार थाना क्षेत्र में पुलिस और अधिवक्ता के बीच मारपीट का मामला अब FIR तक पहुंच गया है। खास बात यह है कि जिस बुढ़ार थाने में आरक्षक पदस्थ था, उसी थाने में उसके खिलाफ अधिवक्ता के साथ मारपीट करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। वहीं आरक्षक की शिकायत पर अधिवक्ता के खिलाफ भी पुलिस ने मामला दर्ज किया है।
जानकारी के अनुसार, बीती रात अधिवक्ता अभिनाश पाठक और आरक्षक रोहित यादव के बीच किसी बात को लेकर वाद विवाद हुआ था। आरोप है कि इस दौरान आरक्षक ने अधिवक्ता के साथ लाठी-डंडों से मारपीट की, जिसमें उन्हें गंभीर चोटें आईं। मारपीट में अधिवक्ता के शरीर पर लाठी के निशान आए हैं, जबकि चोट के चलते उन्हें 10 से अधिक टांके भी लगवाने पड़े।
आरक्षक लाइन हाजिर
घटना के बाद अधिवक्ता अभिनाश पाठक ने बुढ़ार थाने पहुंचकर आरक्षक रोहित यादव के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई, उनकी शिकायत पर पुलिस ने आरक्षक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए आरक्षक रोहित यादव को लाइन हाजिर भी कर दिया गया है। दूसरी तरफ, आरक्षक रोहित यादव ने भी अधिवक्ता अभिनाश पाठक के खिलाफ शिकायत की, जिसके आधार पर पुलिस ने अधिवक्ता के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है।
क्या थी विवाद की असली वजह ?
इस पूरे घटनाक्रम में अब एक ही थाने के पुलिसकर्मी और अधिवक्ता दोनों के खिलाफ मामले दर्ज होने से पुलिस की कार्यप्रणाली और निष्पक्ष जांच को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर विवाद की असली वजह क्या थी और मारपीट की घटना में किसकी क्या भूमिका रही।
फिलहाल दोनों पक्षों की शिकायत पर मामले दर्ज है। अब निष्पक्ष जांच और पुलिस की कार्रवाई से ही पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आएगी। वहीं इस पूरे मामले में बुढार थाना प्रभारी खेम सिंह पेंद्रो ने जानकारी देते हुए बताया कि दोनों की शिकायत पर एक दूसरे के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है।
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