अजयारविंद नामदेव, शहडोल। शहडोल की चौपाटी में जांच के नाम पर पहुंचे खाद्य विभाग के अधिकारियों की कथित दावत का वीडियो सामने आने से हड़कंप मच गया है। जिन अधिकारियों को दुकानदारों के खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांचनी थी, उन्हीं पर चाट-फुल्की और फास्ट फूड का स्वाद लेने, यहां तक कि खाने की सामग्री पैक कराकर ले जाने के आरोप लग रहे हैं। दुकानदारों का दावा है कि सामग्री का भुगतान भी नहीं किया गया, अब वायरल वीडियो के बाद सवाल उठ रहा है। क्या चौपाटी में खाद्य सुरक्षा की जांच हुई या फिर जांच के नाम पर ही पार्टी हो गई।

दरअसल, मानसून के मौसम में खाद्य जनित बीमारियों की रोकथाम और नागरिकों को सुरक्षित व गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य एवं औषधि विभाग की ओर से जिले में निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत विभाग की टीम शहडोल की चौपाटी पहुंची, जहां चाट-फुल्की और फास्ट फूड का कारोबार करने वाले दुकानदारों के खाद्य पदार्थों की जांच की गई और सैंपल लिए गए।

जांच के नाम पर दावत

जांच के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों ने दुकानदारों से खाद्य सामग्री लेकर उसका सेवन किया। इतना ही नहीं, टीम के कुछ सदस्यों ने खाने की सामग्री पैक कराकर घर ले जाने के लिए पार्सल भी कराया और उस सामग्री का भुगतान नहीं किया गया। इसी दौरान वहां मौजूद किसी व्यक्ति ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया, वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या जांच के नाम पर अधिकारियों की दावत चल रही थी।

दबी जुबान में दुकानदारों ने बताई पीड़ा

वहीं, जब मामले की पड़ताल की गई तो चौपाटी के कुछ दुकानदारों दबी जुबान में अपनी पीड़ा साझा की। दुकानदारों का आरोप है कि महंगाई के दौर में वैसे ही कारोबार करना मुश्किल है और ऊपर से जांच के नाम पर खाद्य सामग्री खाने तथा पैक कराकर ले जाने से उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है, उनका यह दर्द भी कैमरे में रिकॉर्ड किया गया है। हालांकि, वायरल वीडियो और दुकानदारों के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। अब सवाल यह है कि क्या विभाग इस पूरे मामले की जांच कराएगा और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों पर कार्रवाई होगी।

खाद्य अधिकारी ने कही ये बात

वहीं इस पूरे मामले में खाद्य सुरक्षा अधिकारी वाजिद मोहिद का कहना है कि हमने चौपाटी में लगभग 25 खाद्य सामग्री के सैंपल जांच कराए थे। जिनकी प्राथमिक रिपोर्ट सामान्य है, रही बात वहां कुछ खाकर और पार्सल कराया गया, तो उसकी जानकारी नहीं है। कार्रवाई के दौरान भूख लगी थी तो हमने कुछ खाया था, हो सकता है उसका पैसा नहीं दिया हो हमने सोचा की हमारे कर्मचारी ने उसका भुगतान किया होगा, यदि भुगतान नहीं हुआ है तो उसको करा देंगे।

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