उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में बुधवार को घरेलू विवाद के बाद अवनीश ने अपनी पत्नी सुशीला की कुल्हाड़ी से हमला कर हत्या कर दी. वारदात के बाद वह छह साल के बेटे को लेकर फरार हो गया, जबकि चार साल की बेटी और डेढ़ साल का बेटा घर में ही रह गए.

शाहजहांपुर. जिले के अल्हागंज कस्बे में बुधवार दोपहर घरेलू विवाद के बाद अवनीश ने अपनी पत्नी सुशीला (30) की कुल्हाड़ी से हमला कर हत्या कर दी. वारदात चौरसिया मोहल्ले में हुई. घटना के बाद आरोपी अपने छह वर्षीय बेटे सोहन को साथ लेकर फरार हो गया, जबकि चार साल की बेटी मेनका और डेढ़ साल का बेटा रोहन घर में ही रह गए. पुलिस ने घटनास्थल से कुल्हाड़ी बरामद कर आरोपी की तलाश के लिए दो टीमें लगाई हैं.

दिल्ली जाने पर हुआ विवाद

परिजनों के मुताबिक, सुशीला मूल रूप से फर्रुखाबाद जिले के राजेपुर थाना क्षेत्र के गंधिया गांव की रहने वाली थी. जून 2019 में उसकी शादी अल्हागंज के चौरसिया मोहल्ले के निवासी अवनीश से हुई थी. अवनीश लुधियाना में मजदूरी करता है और बुधवार को पत्नी तथा तीनों बच्चों के साथ वहां जाने की तैयारी में था.

बताया गया कि सुशीला अपने मायके पक्ष और रिश्तेदारों के पास दिल्ली जाना चाहती थी, जबकि अवनीश उसे लुधियाना ले जाने पर अड़ा था. इसी बात को लेकर दोपहर करीब एक बजे दोनों के बीच बहस शुरू हुई, जिसके बाद सुशीला पर कुल्हाड़ी से हमला किया गया.

पहले भी प्रताड़ना का आरोप

मृतका की भाभी शालू ने आरोप लगाया कि अवनीश शराब पीने के बाद सुशीला के साथ मारपीट करता था. उनके अनुसार, प्रताड़ना से परेशान होकर सुशीला करीब दो महीने पहले मायके चली गई थी.

शालू ने बताया कि लगभग 15 दिन पहले दोनों परिवारों के बीच समझौता हुआ था. इसके बाद सुशीला बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए ससुराल लौट आई थी.

मां के पास बिलखते रहे बच्चे

हत्या के बाद अवनीश अपने बड़े बेटे सोहन को साथ लेकर चला गया. घर में उसकी चार साल की बेटी मेनका और डेढ़ साल का बेटा रोहन रह गए. दोनों बच्चे खून से लथपथ मां के पास रोते-बिलखते मिले और उसे उठाने की कोशिश करते रहे.

परिवार के अनुसार, सुशीला के माता-पिता नहीं हैं. अवनीश के तीन भाई केशवपाल, जगतपाल और रामरहीश हैं, जो अलग-अलग रहते हैं.

पुलिस ने शुरू की जांच

घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और कुल्हाड़ी बरामद की. अल्हागंज पुलिस ने मृतका के भाई की ओर से हत्या की प्राथमिकी दर्ज की है. आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दो पुलिस टीमें लगाई गई हैं.

घटनास्थल पर पहुंची फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाने के लिए फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी की. इस बीच, पोस्टमार्टम के लिए शव ले जाने के दौरान मायके पक्ष के लोगों ने विरोध जताया और वाहन के सामने खड़े हो गए. क्षेत्राधिकारी दीपक कुमार सिंह ने परिजनों को समझाया, जिसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया.