दीपक कौरव, नरसिंहपुर। ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज ने सनातन धर्म और युवाओं के मुद्दों को लेकर केंद्र व राज्य सरकार पर तीखा प्रहार किया है। अपने गुरु स्थान नरसिंहपुर जिले के झोतेश्वर प्रवास के दौरान पत्रकारों से चर्चा करते हुए शंकराचार्य ने नेताओं द्वारा सनातन धर्म की व्याख्या किए जाने से लेकर युवाओं पर हो रही कार्रवाई तक पर कड़ा रुख अपनाया।

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‘गुरुओं की अवहेलना कर सनातन बढ़ाने का दावा पूरी तरह खोखला’

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि आज देश में एक तरफ तो सनातन धर्म को बढ़ावा देने की बड़ी-बड़ी बातें की जा रही हैं, वहीं दूसरी तरफ सनातन धर्म के दोनों प्रमुख गुरुओं की लगातार अवहेलना की जा रही है। उन्होंने नेताओं और गैर-धार्मिक लोगों द्वारा सनातन धर्म की शिक्षा देने पर सवाल उठाते हुए कहा कि जो लोग सनातन धर्म की बात करते हैं, उन्हें सबसे पहले धर्म के गुरुओं का सम्मान करना सीखना चाहिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जो लोग भगवान राम को भगवान तक नहीं मानते और डंडे को गुरु मानने की बात करते हैं, वे भला सनातन धर्म को क्या बढ़ावा देंगे?

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‘जिस युवा के हाथ में देश का भविष्य, उसी को कुचला जा रहा है’

जैन समाज और युवाओं से जुड़े ज्वलंत मुद्दों पर बात करते हुए शंकराचार्य ने गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि जिस नौजवान पीढ़ी के हाथों में देश का भविष्य सौंपा जाना है, आज उसी युवा शक्ति को कुचला और दबाया जा रहा है। युवाओं पर की जा रही प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि सरकार को युवाओं की समस्याओं को हल करने के बजाय उनके दमन का रास्ता नहीं अपनाना चाहिए।

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