Dharm Desk : शादी में देरी हो रही है या बार-बार रिश्ता तय होते-होते टूट जाता है, अगर आप के साथ या आपके बच्चों के साथ भी कुछ ऐसा हो रहा है तो 25 अक्टूबर को शरद पूर्णिमा के मौके पर कुछ पारंपरिक उपाय करके देखें। हिंदू धर्म में पूर्णिमा तिथि का विशेष महत्व माना जाता है। इस दिन पूजा-पाठ और दान करने की परंपरा है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, कुंडली में मंगल, गुरु या शुक्र से जुड़े दोषों को विवाह में देरी का एक कारण माना जाता है।
युवती की शादी में देरी हो तो करें ये काम
ज्योतिषीय मान्यता के मुताबिक, अगर किसी युवती की शादी में बार-बार रुकावट आ रही है, तो गुरु ग्रह से जुड़े उपाय किए जा सकते हैं। इसके लिए गुरुवार को व्रत रखने और मंदिर में पीली चीजों का दान करें। इस दिन पीले कपड़े पहनना भी शुभ माना जाता है। शरद पूर्णिमा पर भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा करके भी अच्छे वैवाहिक जीवन की कामना कर सकते है। मान्यता है कि श्रद्धा से की गई पूजा मन को शांति देती है।

युवक की शादी के लिए मां गौरी की पूजा
अगर किसी शादी योग युवक की शादी में देरी हो रही है, तो मां गौरी की पूजा करना शुभ होगा। उपाय में पूजा के दौरान दो इलायची और पांच तरह की मिठाइयां मां गौरी को अर्पित करें। इसके बाद घी का दीपक जलाकर आरती करें और जल्द विवाह की प्रार्थना करें। शरद पूर्णिमा के दिन भगवान शिव और मां गौरी का स्मरण करके भी सुखी वैवाहिक जीवन की कामना करें।
रोटी और गुड़ गाय को खिलाएं
धार्मिक मान्यताओं में गाय को रोटी और गुड़ खिलाना पुण्य का काम होता है। इसे यदि उपाय के तौर पर किया जाए तो शादी में आ रही रुकावटों से परेशानी दूरी होती है। इसे दोनों कर सकते हैं। इसके लिए गाय को रोटी में थोड़ा गुड़ लगाकर खिलाएं।
बरगद के पेड़ के नीचे जलाएं दीपक
शरद पूर्णिमा पर बरगद के पेड़ के पास घी का दीपक जलाकर विवाह में आ रही बाधाएं दूर होने की प्रार्थना भी करें। पूजा के दौरान जल अर्पित करें और श्रद्धा के साथ भगवान का स्मरण करें। वृक्ष के आस-पास पूजा करते समय सुरक्षा का ध्यान रखें।
शरद पूर्णिमा पर क्यों है खास मौका
धार्मिक मान्यता के अनुसार, शरद पूर्णिमा पर चंद्रदेव की पूजा और दान-पुण्य का विशेष महत्व है। इस दिन लोग सुख-समृद्धि और मनोकामना पूर्ति के लिए पूजा करते है। अगर आप भी जल्द शादी की कामना कर रहे हैं, तो अपनी आस्था के अनुसार ये उपाय कर सकते है। ध्यान रखें कि शादी के लिए सही जीवनसाथी का चुनाव, आपसी समझ और परिवारों की सहमति भी बेहद जरूरी है।

