Business Desk – Share Market Update : गुरुवार, 23 अप्रैल को शेयर बाजार में कमजोरी का माहौल देखने को मिला.ट्रेडिंग के दौरान, सेंसेक्स लगभग 700 अंक 0.85% गिरकर 77,800 के स्तर पर पहुंच गया. वहीं, निफ्टी में भी लगभग 200 अंकों 0.80% की गिरावट दर्ज की गई. यह 24,200 के स्तर से नीचे कारोबार करता दिखा. आज बाजार पर सबसे ज्यादा दबाव ऑटो सेक्टर से आया, जहां ज्यादातर शेयरों में बिकवाली का दबाव हावी रहा.

ऑटो शेयरों पर सबसे ज्यादा दबाव

आज के ट्रेडिंग सत्र में ऑटो कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट देखने को मिली. निवेशकों ने इस सेक्टर में प्रॉफ़िट-बुकिंग की, जिससे पूरे बाजार पर और दबाव पड़ा. इसके अलावा, जहां दूसरे सेक्टरों में मिले-जुले रुझान दिखे. वहीं ऑटो सेक्टर में आई गिरावट ने बाजार की कुल दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाई.

एशियाई बाजारों में भी कमजोरी दिखी

वैश्विक संकेत भी आज कमजोर रहे. एशियाई बाजारों में बिकवाली का माहौल रहा, जिसका असर बाद में घरेलू बाज़ार पर भी पड़ा. दक्षिण कोरिया का KOSPI इंडेक्स 45 अंक या 1.56% गिरकर 6,334 के स्तर पर बंद हुआ. जापान का Nikkei इंडेक्स 860 अंक या 1.36% गिरकर 58,952 पर बंद हुआ. वहीं, हॉन्ग कॉन्ग का Hang Seng इंडेक्स 277 अंकों या 1.13% की गिरावट के साथ 25,881 के स्तर पर बंद हुआ. इन बाजारों में आई गिरावट ने निवेशकों की चिंताएं बढ़ा दीं. घरेलू बाजार पर दबाव बनाए रखा.

अमेरिकी बाजारों से मिले-जुले संकेत

हालांकि, 22 अप्रैल को अमेरिकी बाजारों में तेजी देखने को मिली थी. निवेशकों की जोरदार खरीदारी की वजह से, मुख्य इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए. Dow Jones 341 अंक या 0.69% बढ़कर 49,490 के स्तर पर बंद हुआ.

वहीं, Nasdaq इंडेक्स 398 अंक या 1.64% चढ़कर 24,658 पर पहुंच गया. इसके अलावा, S&P 500 इंडेक्स 7,138 के स्तर पर बंद हुआ, जिसमें 74 अंकों या 1.05% की बढ़त दर्ज की गई. जहां US बाजारों में आई यह तेजी वैश्विक बाजारों को कुछ सहारा दे सकती है, वहीं एशियाई बाजारों में आई कमजोरी का असर ज्यादा साफ तौर पर दिखाई दिया.

कच्चे तेल की कीमतों में उछाल

इस बीच, कच्चे तेल की कीमतों में भी उछाल देखा जा रहा है, जिससे बाजार की चिंताएं और बढ़ गई हैं. ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत एक बार फिर $100 प्रति बैरल के निशान को पार कर गई है. कीमतों में यह तेजी तेल की मजबूत मांग और ‘हॉरमुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) को लेकर बढ़ती चिंताओं के कारण आई है. इस समुद्री मार्ग को वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद अहम माना जाता है. इस क्षेत्र में किसी भी तरह के तनाव का असर हमेशा वैश्विक बाजारों पर पड़ता है.

पिछले कारोबारी दिन भी गिरावट देखी गई

बुधवार, 22 अप्रैल को भी बाज़ार में गिरावट का सिलसिला जारी रहा. सेंसेक्स 757 अंक या 0.95% गिरकर 78,516 के स्तर पर बंद हुआ. इसी तरह, निफ्टी में भी 199 अंकों या 0.81% की गिरावट दर्ज की गई. यह 24,378 पर बंद हुआ. लगातार दूसरे दिन आई इस गिरावट ने निवेशकों की घबराहट को और बढ़ा दिया है.