आरिफ कुरैशी, श्योपुर। मध्य प्रदेश के श्योपुर में चर्चित 19 महीने के चीते KNG-22 की मौत (शिकार) के मामले में स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए दो सगे भाइयों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों की निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल की गई लाइसेंसी बंदूक भी बरामद कर ली गई है। एसटीएफ ने प्रेस नोट जारी कर इस पूरे मामले का आधिकारिक खुलासा किया है।
डॉग स्क्वॉड की मदद से दबोचे गए आरोपी
जानकारी के मुताबिक, चीते को गोली मारने के इस गंभीर मामले में एसटीएफ ने मुख्य आरोपी भगवान सिंह और उसके भाई प्रीतम सिंह को गिरफ्तार किया है। मुख्य आरोपी भगवान सिंह नवलपुरा-बेहरारा, पहाड़गढ़ का रहने वाला है। घटना के खुलासे के लिए एसटीएफ ने आधुनिक तकनीक और डॉग स्क्वॉड की मदद से घने जंगलों में व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया था। कड़ियों से कड़ियां जोड़ते हुए टीम आखिरकार शिकारियों तक पहुँचने में कामयाब रही। पूछताछ के दौरान आरोपियों की निशानदेही पर वन्यजीव के शिकार में इस्तेमाल की जाने वाली लाइसेंसी दो नाली टोपीदार बंदूक भी बरामद कर ली गई है।
24 अक्टूबर को दिया गया था घटना को अंजाम
जांच में सामने आया है कि गत 24 अक्टूबर को नितनवास के जंगल में इस 19 महीने के चीते (KNG-22) पर गोली चलाई गई थी, जिससे उसकी मौत हो गई थी। इस दुस्साहसिक घटना के बाद वन्य विभाग और एसटीएफ हरकत में आई थी। दोषियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की धारा 9 और 51 के तहत गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। एसटीएफ ने दोनों गिरफ्तार आरोपियों को स्थानीय न्यायालय में पेश किया, जहाँ से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेजने की कार्रवाई की जा रही है।
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