लखनऊ के हजरतगंज क्षेत्र में कारोबारी शिवा शर्मा की मौत के मामले में पुलिस और यूपी एसटीएफ ने 20 अक्टूबर 2026 को नागपुर से श्रद्धा दुबे, रश्मि दुबे और चालक दानिश को गिरफ्तार किया. तीनों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित था और पुलिस उन्हें कानूनी प्रक्रिया पूरी कर लखनऊ ला रही है.

लखनऊ. कारोबारी शिवा शर्मा की मौत के मामले में फरार चल रही मॉडल श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे और चालक दानिश को 20 अक्टूबर 2026 को नागपुर से गिरफ्तार कर लिया गया. लखनऊ पुलिस और उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने नागपुर पुलिस की मदद से यह कार्रवाई की. तीनों आरोपियों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित था. पुलिस के अनुसार, आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्हें लखनऊ लाया जा रहा है.

क्या है पूरा मामला

हजरतगंज थाना क्षेत्र में कारोबारी शिवा शर्मा की मौत के मामले में उनकी मां रंजना शर्मा की लिखित शिकायत पर मुकदमा दर्ज किया गया था. मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) के तहत मुकदमा संख्या 216/2026 दर्ज होने का उल्लेख है. श्रद्धा दुबे, रश्मि दुबे और चालक दानिश पर इस मामले में आरोप लगाए गए हैं.

शिवा शर्मा की मौत 9 अक्टूबर की रात श्रद्धा के फ्लैट में हुई थी. इसके बाद तीनों आरोपी फरार हो गए थे. शुरुआती शिकायत में श्रद्धा की बहन और दो अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया था.

नेपाल से नागपुर तक तलाश

जांच के दौरान श्रद्धा की गाड़ी बहराइच के रुपईडीहा इलाके में लावारिस हालत में मिली थी. शुरुआती जांच में उसके नेपाल से लखनऊ आने और फिर आगरा जाने की जानकारी सामने आई. फरारी के दौरान श्रद्धा ने कई वीडियो जारी किए और अपने बचाव में बयान भी दिए. नेपाल से जुड़े कुछ सीसीटीवी फुटेज भी सामने आए थे.

आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस के साथ यूपी एसटीएफ को भी लगाया गया था. आखिरकार लखनऊ पुलिस और एसटीएफ ने नागपुर पुलिस के सहयोग से तीनों को गिरफ्तार कर लिया.

पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई

मामले में मुख्य आरोपी के लंबे समय तक फरार रहने के बाद पुलिस विभाग में भी बदलाव किए गए थे. हजरतगंज के इंस्पेक्टर विक्रम सिंह को लाइन हाजिर किया गया, जबकि डीसीपी मध्य विक्रांत वीर को पद से हटा दिया गया. एसीपी हजरतगंज रजनीश वर्मा का भी तबादला कर दिया गया था.

रायबरेली में परिजनों से पूछताछ

श्रद्धा की तलाश के दौरान लखनऊ पुलिस की टीम सोमवार को रायबरेली स्थित उसके घर रामजीपुरम पहुंची थी. वहां श्रद्धा के पिता एसपी दुबे और सौतेली मां से करीब डेढ़ घंटे तक बंद कमरे में पूछताछ की गई.

पुलिस ने परिजनों से श्रद्धा के संपर्क में रहने वाले लोगों, उसके घर आने-जाने और आखिरी बार बातचीत होने के समय के बारे में जानकारी जुटाई. इसके बाद आसपास के लोगों से भी पूछताछ की गई. इस कार्रवाई के संबंध में पुलिस ने मीडिया को कोई जानकारी नहीं दी थी.

शिवा की मां ने लगाए आरोप

शिवा शर्मा की मां रंजना शर्मा ने फरार आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की थी. उन्होंने आरोप लगाया था कि श्रद्धा खुद को बचाने के लिए लगातार वीडियो जारी कर रही है. रंजना के मुताबिक, उनके बेटे के दोनों मोबाइल फोन भी अब तक नहीं मिले थे और शिवा दिनभर की घटनाओं को अपने फोन में दर्ज करता था.

रंजना ने यह भी आरोप लगाया था कि श्रद्धा उनके बेटे को ब्लैकमेल करती थी और साजिश के तहत उसकी हत्या की गई. ये आरोप शिकायतकर्ता के दावे हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है.

मुलाकात और अस्पताल का जिक्र

रंजना के अनुसार, श्रद्धा से उनकी मुलाकात करीब 15 दिन पहले हजरतगंज स्थित हनुमान मंदिर में हुई थी. शिवा की दोस्त होने के नाते उन्होंने उससे पहचान पत्र भी मांगा था. शिवा पर कर्ज होने की बात पर रंजना ने कहा था कि वह व्यवसायी हैं और उनके यहां लेनदेन होता रहता है.

रंजना का दावा था कि शिवा की मौत के बाद श्रद्धा करीब दो घंटे तक उन्हें अलग-अलग बातें बताकर उलझाती रही. उन्होंने बताया था कि श्रद्धा घायल शिवा को पहले एक निजी अस्पताल और फिर लोहिया अस्पताल ले जाने की बात कह रही थी, लेकिन जब वह लोहिया अस्पताल पहुंचीं तो श्रद्धा वहां नहीं मिली. इसके बाद उन्हें ट्रॉमा सेंटर बुलाया गया, जहां पहुंचने तक आरोपी जा चुके थे.

रंजना ने यह सवाल भी उठाया था कि यदि श्रद्धा निर्दोष थी तो वह फरार क्यों हुई. अब तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.