भागलपुर। विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला 2026 को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने देश-विदेश से आने वाले लाखों शिवभक्तों और कांवड़ियों के लिए एक बड़ी और चाक-चौबंद कार्ययोजना तैयार की है। सुल्तानगंज से पवित्र गंगाजल लेकर देवघर की कठिन यात्रा पर निकलने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या से बचाने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। इसी में स्वास्थ्य विभाग ने मेला क्षेत्र में बेहतरीन चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए 53 विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती की आधिकारिक सूची जारी कर दी है।
17 जिलों से बुलाए गए 53 विशेषज्ञ चिकित्सक
श्रावणी मेले के दौरान कांवरिया पथ पर चिकित्सा व्यवस्था को सुदृढ़ रखने के लिए राज्य के कुल 17 प्रमुख जिलों से स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की प्रतिनियुक्ति की गई है। स्वास्थ्य विभाग के विशेष कार्य पदाधिकारी मनोज कुमार द्वारा जारी आधिकारिक पत्र के अनुसार इन सभी 53 डॉक्टरों को मेले की पूरी अवधि के दौरान चौबीसों घंटे अपनी सेवाएं देने का निर्देश दिया गया है।
जिन जिलों से चिकित्सकों को बुलाया गया है, उनमें खगड़िया, नालंदा, दरभंगा, समस्तीपुर, सहरसा, भागलपुर, लखीसराय, जमुई, बांका, बेगूसराय, सुपौल, कटिहार, बक्सर, अररिया, पटना, नवादा और जहानाबाद शामिल हैं। विभाग की ओर से इन सभी प्रतिनियुक्त चिकित्सकों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे अविलंब भागलपुर, बांका और मुंगेर के सिविल सर्जन (CS) कार्यालय में संपर्क कर अपनी उपस्थिति दर्ज कराएं और निर्धारित ड्यूटी का पालन करें।
भागलपुर सीमा के भीतर बनेंगे 13 आधुनिक स्वास्थ्य शिविर
कांवरियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए भागलपुर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने मिलकर विशेष रणनीति बनाई है। इसके तहत भागलपुर सीमा क्षेत्र के भीतर कुल 13 आधुनिक और हाईटेक स्वास्थ्य शिविर (हेल्थ कैंप) स्थापित किए जाएंगे, जो मेला अवधि के दौरान लगातार क्रियाशील रहेंगे।
इन सभी 13 हेल्थ कैंपों में डॉक्टरों के अलावा प्रशिक्षित एएनएम और जीएनएम नर्सों की तैनाती शिफ्ट के हिसाब से की जाएगी, ताकि किसी भी श्रद्धालु को तुरंत चिकित्सकीय परामर्श मिल सके। इन शिविरों में शारीरिक थकान, बदन दर्द, पैरों में छाले, सर्दी, खांसी, बुखार, उल्टी-दस्त और पेट से जुड़ी तमाम सामान्य व जरूरी बीमारी की निशुल्क दवाइयां पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहेंगी।
जीवनरक्षक उपकरणों से लैस एंबुलेंस रहेंगी तैनात
मेले के दौरान यदि कोई कांवड़िया अचानक गंभीर रूप से बीमार हो जाता है या दुर्घटना का शिकार होता है, तो उसे तुरंत बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर (उच्च चिकित्सा केंद्र) भेजने की पुख्ता व्यवस्था की गई है। इसके लिए प्रत्येक हेल्थ कैंप के बाहर जीवनरक्षक उपकरणों और अत्याधुनिक दवाओं से लैस एंबुलेंस 24 घंटे मुस्तैद रखी जाएगी। स्वास्थ्य विभाग का यह मुख्य संकल्प है कि हर शिवभक्त की यात्रा सुरक्षित और स्वस्थ माहौल में पूरी हो सके।


