कैथल। जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में बुधवार को एक ऐसा घटनाक्रम हुआ, जिसने सबका ध्यान खींच लिया। कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा के सामने पुंडरी विधायक सतपाल जांबा ने एक मामले में सिफारिश की। लेकिन मंत्री ने उनकी बात मानने के बजाय साफ कह दिया कि न्याय तो करना पड़ेगा। इसके बाद सभागार में तालियां गूंज उठीं।
मामला सांच अहमदपुर मार्ग पर बनी पुलिया से जुड़ा है। अधिकारियों का दावा था कि पुलिया का निर्माण नियमों के अनुसार हुआ है। हालांकि, पिछली बैठक में इस शिकायत पर सुनवाई करते हुए मंत्री ने एसडीएम (उपमंडल अधिकारी) को जांच करने और रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए थे।
जांच रिपोर्ट में मामला सही नहीं पाया गया। इसके बाद यह प्रकरण बुधवार की बैठक में फिर सामने आया। इस बार पुंडरी विधायक सतपाल जांबा भी मौजूद थे। उन्होंने मामले में सिफारिश की। साथ ही मंत्री से आग्रह किया कि इस शिकायत को सबसे पहले सुना जाए।
शिकायत बैठक के एजेंडे में चौथे नंबर पर दर्ज थी। इसके बावजूद मंत्री ने इसे पहले सुन लिया। लेकिन जब विधायक ने मामले में सिफारिश की, तो मंत्री ने उनकी बात मानने से इनकार कर दिया।
मंत्री ने दो टूक कहा, ‘न्याय तो करना पड़ेगा, सिफारिश करनी है तो शिकायतकर्ता को राजी कर लो।’ मंत्री की इस टिप्पणी के बाद सभागार में तालियां बजने लगीं। बैठक में मौजूद लोगों के बीच यह घटनाक्रम चर्चा का विषय बन गया।
शिकायतकर्ता ने भी उठाए सवाल
इस पूरे घटनाक्रम के बीच शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि मंत्री ने उन्हें अपनी बात रखने का मौका नहीं दिया। ऐसे में बैठक में मंत्री का सख्त रुख और शिकायतकर्ता की यह आपत्ति, दोनों चर्चा में हैं।

