स्टेट इनवेस्टिगेशन एजेंसी (SIA) कश्मीर ने अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी और साइबर ठगी के एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया है. यह गिरोह विदेश में मोटी सैलरी वाली नौकरी का लालच देकर कश्मीरी युवाओं को थाईलैंड के रास्ते म्यांमार भेजता था. SIA ने साफ किया है कि सीमा पार से चल रहे इस आपराधिक नेटवर्क को जड़ से खत्म किया जाएगा. इस मामले में दक्षिण कश्मीर के कुलगाम और काजीगुंड इलाकों में संदिग्धों के ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की है.

विदेश में नौकरी दिलाने का झांसा देकर जम्मू-कश्मीर समेत देश के बेरोजगार युवाओं को कथित तौर पर म्यांमार पहुंचाकर साइबर ठगी के धंधे में झोंक दिया जाता था.

स्टेट इनवेस्टिगेशन एजेंसी कश्मीर ने विदेश में नौकरी का झांसा देकर युवाओं को म्यांमार भेजकर साइबर ठगी कराने वाले अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी नेटवर्क पर शिकंजा कसा है. एजेंसी ने कहा कि वह न सिर्फ दोषियों पर सख्त एक्शन लेगी, बल्कि ठगी और शोषण के शिकार बने युवाओं के हितों की भी पूरी हिफाजत करेगी.

यह नेटवर्क भारतीय युवाओं को विदेशों में नौकरी का झांसा देकर म्यांमार भेजता था, जहां उन्हें बंधक बनाकर ऑनलाइन ठगी करने के लिए मजबूर किया जाता था. यह गिरोह विदेश में मोटी सैलरी वाली नौकरी का लालच देकर कश्मीरी युवाओं को थाईलैंड के रास्ते म्यांमार भेजता था.

SIA ने गुरुवार तड़के दक्षिण कश्मीर के कुलगाम और काजीगुंड में चार्ली उर्फ जेरी खान समेत दो संदिग्धों के आवासीय परिसरों पर छापे मारे. बुनगाम चेगाम, कुलगाम निवासी गुलाम नबी खांडे उर्फ चार्ली उर्फ मोहसिन उर्फ जेरी खान और बागपोरायार खुशीपोरा , काजीगुंड निवासी आशिक हुसैन शेख के परिसरों की तलाशी ली. तलाशी के दौरान मोबाइल फोन, पहचान संबंधी दस्तावेज, पैन कार्ड, पासपोर्ट और नौकरी से जुड़े समझौते जब्त किए गए.

जांच में पता चला है कि युवाओं को फंसाने से लेकर विदेश भेजने और बंधक बनाने तक, कई देशों में फैला एक बड़ा इंटरनेशनल नेटवर्क काम कर रहा है. जांच टीम देश और विदेश में बैठे गुर्गों के कनेक्शन खंगाल रही है. साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस धंधे के लिए फंडिंग और गाड़ियों-ठिकानों का इंतजाम कौन कर रहा था.

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m