सुरेश पाण्डेय, सिंगरौली। सिंगरौली के चितरंगी में प्रस्तावित कुंदन गोल्ड माइंस को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। सीधार और सिलफोरी गांव में प्रभावित ग्रामीणों ने जमीन अधिग्रहण के विरोध में सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि उनकी पुश्तैनी जमीन और घर उजाड़े जा रहे हैं, लेकिन मुआवजा और पुनर्वास को लेकर स्थिति साफ नहीं है।
सरकार के खिलाफ नारेबाजी
करीब 368 एकड़ यानी 149 हेक्टेयर जमीन पर प्रस्तावित ओपन कास्ट गोल्ड माइंस की गहराई करीब 120 मीटर बताई जा रही है। अनुमानित 7.29 मिलियन टन अयस्क से करीब एक ग्राम प्रति टन सोना निकलने का दावा है। ग्रामीणों ने केंद्र और प्रदेश सरकार के साथ मंत्री राधा सिंह और सांसद डॉ. राजेश मिश्रा के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कांग्रेस नेताओं ने भी ग्रामीणों के समर्थन में मोर्चा संभाला।
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कांग्रेस ने दी चेतावनी
सबसे बड़ा सवाल यह है कि सोना करोड़ों का निकलेगा, लेकिन घर किसके उजड़ेंगे ? कांग्रेस नेता अशोक सिंह ने चेतावनी दी कि जरूरत पड़ी तो राहुल गांधी को चितरंगी लाकर विस्थापित परिवारों से मुलाकात कराई जाएगी। अशोक सिंह का जिला प्रशासन से साफ कहना है कि पहले जितने भी आदिवासी और अन्य विस्थापित लोगों की जमीन है, जो कुंदन गोल्ड माइंस में जा रही है उन्हें मुआवजा पुनर्वास और नौकरी का पूर्ण आश्वासन दिया जाए। इसके बाद ही उनके घरों को तोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि जिस तरह से सिंगरौली में आदिवासियों के साथ भेदभाव किया जा रही है, बहुत जल्द ही कांग्रेस के राहुल गांधी सिंगरौली जिले का दौरा करने वाले है।

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