सिरसा के स्वर्णकार सज्जन सोनी ने महज 0.840 मिलीग्राम चांदी से 6 एमएम की फीफा वर्ल्ड कप की मिनिएचर ट्रॉफी तैयार की है। उनकी यह अनूठी कलाकारी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है।

सिरसा। जिले के एक हुनरमंद सुनार सज्जन सोनी ने अपनी असाधारण कलाकारी का प्रदर्शन करते हुए फीफा वर्ल्ड कप की एक ‘मिनिएचर ट्रॉफी’ तैयार की है। चांदी से बनी यह ट्रॉफी हूबहू असली वर्ल्ड कप ट्रॉफी जैसी दिखती है, जिसे देखकर हर कोई दंग रह जाता है। सज्जन सोनी ने मात्र 0.840 मिलीग्राम चांदी का उपयोग करके 6 मिलीमीटर की यह सूक्ष्म कलाकृति बनाई है, जिसके ऊपरी हिस्से पर पीतल की बॉल लगाई गई है। इस बेहद जटिल और बारीक काम को पूरा करने में उन्हें लगभग 1 घंटे 20 मिनट का समय लगा। उनकी यह अद्भुत कलाकृति अब लोगों के बीच आकर्षण का मुख्य केंद्र बनी हुई है।

कला के दम पर बनाई पहचान

सज्जन सोनी पेशे से एक स्वर्णकार हैं, लेकिन वे अपनी सूक्ष्म कलाकारी के लिए देश-विदेश में अपनी पहचान बना चुके हैं। फीफा वर्ल्ड कप से पहले भी उन्होंने चांदी से क्रिकेट वर्ल्ड कप ट्रॉफी, ओलंपिक पदक और विभिन्न खेलों की कलाकृतियां बनाकर समाज में खूब नाम कमाया है। हालांकि वे अधिक शिक्षित नहीं हैं, लेकिन अपने जुनून और दृढ़ संकल्प के बल पर उन्होंने यह मुकाम हासिल किया है। उन्हें उम्मीद है कि उनके इस सूक्ष्म और बारीक हुनर को भविष्य में उचित सम्मान और मंच जरूर मिलेगा। उनकी हर कृति में उनका समर्पण और बारीकी स्पष्ट रूप से देखी जा सकती है।

1983 के जीत ने दिया जुनून

सज्जन सोनी बताते हैं कि इस जुनून की शुरुआत 1983 में हुई थी, जब भारतीय क्रिकेट टीम ने विश्व कप जीतकर इतिहास रचा था। उस जीत ने उनके भीतर कुछ अनूठा करने की प्रेरणा जगाई और उन्होंने सबसे छोटे आकार की ट्रॉफी बनाने का फैसला किया। उन्होंने अपनी पहली कलाकृति 1987 में बैट-बॉल के साथ बनाई थी। इसके बाद से वे लगातार ओलंपिक गेम्स, चौधरी देवीलाल की प्रतिमा, ऑपरेशन सिंदूर और चंद्रयान जैसी कई यादगार कलाकृतियां बना चुके हैं। सज्जन सोनी की यह मेहनत न केवल उनके हुनर को दर्शाती है, बल्कि यह भी साबित करती है कि दृढ़ इच्छाशक्ति से कोई भी असंभव कार्य संभव किया जा सकता है।