सिरसा। पिता की मौत का गम पहले से था। ऊपर से अंतिम संस्कार के खर्च को लेकर विवाद खड़ा हो गया। परिवार का आरोप है कि सिरसा की शिवपुरी में उनसे अंतिम संस्कार के लिए 6 हजार रुपये की फीस मांगी गई। लकड़ी और गंगाजल के नाम पर अलग-अलग पर्चियां भी काटी गईं। कुल रकम करीब 7400 रुपये तक पहुंच गई। परिवार ने अपनी आर्थिक मजबूरी बताई, लेकिन मामला नहीं सुलझा। अब इस विवाद का वीडियो भी सामने आया है।

मृतक के बेटे जगतार सिंह का कहना है कि वह मेहनत-मजदूरी करके परिवार चलाते हैं। उनकी दिहाड़ी करीब 500 रुपये है। ऐसे में अंतिम संस्कार के लिए हजारों रुपये जुटाना उनके लिए मुश्किल था। उन्होंने सवाल उठाया कि रोज 500 रुपये कमाने वाला व्यक्ति 6 हजार रुपये कहां से लाएगा?

ऑनलाइन पैसे देने चाहे, स्टाफ ने कैश मांगा

जगतार सिंह के मुताबिक, 8 अक्टूबर को वह अपने पिता चमकोर सिंह का अंतिम संस्कार करने के लिए शिवपुरी पहुंचे थे। वहां मौजूद स्टाफ ने पहले 6 हजार रुपये की पर्ची कटवाने की बात कही। परिवार ने ऑनलाइन भुगतान करने की कोशिश की, लेकिन आरोप है कि स्टाफ ने पैसे लेने से इनकार कर दिया। उनसे नकद रकम मांगी गई।

परिवार का आरोप है कि लकड़ी और गंगाजल समेत दूसरी चीजों के लिए भी अलग-अलग पर्चियां बनाई गईं। इससे कुल खर्च करीब 7400 रुपये हो गया। जगतार सिंह का कहना है कि जब उन्होंने अपनी परेशानी बताई तो स्टाफ की तरफ से लकड़ी बाहर से लाने की बात कही गई।

‘यहां स्टाफ रखा है, उन्हें सैलरी भी देनी है’

जगतार सिंह के अनुसार, शिवपुरी के कर्मचारियों ने खर्च का हवाला देते हुए कहा कि यहां स्टाफ रखा गया है। उन्हें वेतन भी देना पड़ता है। लकड़ी और गंगाजल बाहर से मंगवाने पड़ते हैं। इसलिए इनके लिए अलग-अलग दरें तय हैं।

परिवार का दावा है कि उन्होंने अपनी आर्थिक स्थिति बताते हुए राहत देने की गुहार लगाई। एक पार्षद ने भी बीच में पड़कर मामला सुलझाने की कोशिश की, लेकिन विवाद खत्म नहीं हुआ। आखिरकार परिवार को किसी परिचित से नकद पैसे मंगवाने पड़े।

मैनेजर बोले- पैसे नहीं थे तो किसी ने जबरदस्ती नहीं की

इस मामले में शिवपुरी के मैनेजर चेतन शर्मा ने परिवार के आरोपों पर अलग पक्ष रखा है। उनका कहना है कि अगर परिवार के पास पैसे नहीं थे तो किसी ने उनके साथ जबरदस्ती नहीं की थी। उन्होंने इस विवाद को राजनीति से प्रेरित बताया और सवाल उठाया कि फिर इसे राजनीतिक मुद्दा बनाने की जरूरत क्या थी?

टीबी से पीड़ित थे चमकोर सिंह

जगतार सिंह ने बताया कि वह कंगनपुर रोड स्थित भारत नगर में रहते हैं। उनके पिता चमकोर सिंह पिछले कुछ समय से बीमार थे। उन्हें टीबी हो गई थी। 8 अक्टूबर को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इसके बाद परिवार पिता का अंतिम संस्कार करने के लिए शिवपुरी पहुंचा था।

फिलहाल इस मामले में परिवार के आरोप और मैनेजर का जवाब सामने आया है। विवाद का वीडियो भी चर्चा में है। सवाल अंतिम संस्कार के खर्च और भुगतान को लेकर उठ रहे हैं। हालांकि, सामने आई जानकारी से यह स्पष्ट नहीं होता कि शिवपुरी में निर्धारित शुल्क क्या है और अलग-अलग मदों में ली जाने वाली रकम का आधिकारिक आधार क्या है।