जयपुर। राजस्थान के सबसे बड़े एसएमएस मेडिकल कॉलेज से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। फोरेंसिक मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष (HOD) और वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. नंदलाल डिसानिया (58) ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना बुधवार सुबह जयपुर के झोटवाड़ा थाना क्षेत्र स्थित अग्रसेन नगर की है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। प्रारंभिक जांच में मौके से किसी सुसाइड नोट की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

परिवार शादी में गया था, घर लौटने पर मिली दर्दनाक खबर

पुलिस के अनुसार, मंगलवार रात डॉ. डिसानिया के परिवार के सदस्य एक शादी समारोह में शामिल होने गए थे, जबकि वह घर पर अकेले थे। बुधवार सुबह जब परिजन लौटे तो उन्हें कमरे में फंदे से लटका पाया। इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।

सुबह बेटी से हुई थी बात, अस्पताल आने का दिया था समय

डॉ. डिसानिया के करीबी मित्र माधव सिंह ने बताया कि वह पिछले कई वर्षों से उनके साथ रोज बैडमिंटन खेलते थे। बुधवार सुबह जब वह खेलने नहीं पहुंचे तो उनसे फोन पर बात हुई। वहीं सुबह करीब छह बजे उनकी बेटी ने भी अस्पताल में जांच को लेकर फोन किया था, जिस पर डॉ. डिसानिया ने सुबह 9 बजे एसएमएस अस्पताल में मिलने की बात कही थी।

30 साल तक दी चिकित्सा सेवाएं

डॉ. डिसानिया पिछले करीब 30 वर्षों से एसएमएस मेडिकल कॉलेज में सेवाएं दे रहे थे। उनके परिवार में एक बेटा, जो मेडिकल की पढ़ाई कर रहा है, और दो बेटियां हैं। उनके दामाद डॉ. सुरेश चौधरी भी एसएमएस अस्पताल में न्यूरोसर्जन हैं।

मानसिक तनाव की चर्चा, आधिकारिक पुष्टि नहीं

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, परिवार के एक सदस्य पर कुछ वर्ष पहले आर्थिक धोखाधड़ी का मामला दर्ज हुआ था। इसी वजह से डॉ. डिसानिया लंबे समय से मानसिक तनाव में थे, ऐसी चर्चा है। हालांकि, पुलिस ने अभी आत्महत्या के कारणों को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

हर पहलू की जांच में जुटी पुलिस

झोटवाड़ा थाना पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, परिजनों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। आत्महत्या के पीछे की वजह का पता लगाने के लिए सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।