भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष और काशी क्षेत्र प्रभारी रमेश सिंह ने शनिवार को सोनभद्र में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर चर्चा की. इस दौरान उन्होंने यूजीसी, विंध्य कॉरिडोर परियोजना, अखिलेश यादव के अयोध्या दौरे और विपक्ष की चुनावी रणनीति पर बयान दिए.
सोनभद्र. उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियों के बीच भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष और काशी क्षेत्र के प्रभारी रमेश सिंह शनिवार को सोनभद्र पहुंचे. यहां उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर चुनावी तैयारियों पर चर्चा की. इस दौरान उन्होंने यूजीसी विवाद, पेड़ों की कटाई, अखिलेश यादव के अयोध्या जाने और विपक्ष की भूमिका जैसे मुद्दों पर अपनी बात रखी.
यूजीसी और एससी-एसटी कानून पर बयान
यूजीसी के मुद्दे पर रमेश सिंह ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में रोक लगाई है. उन्होंने दावा किया कि सरकार ऐसा कोई कदम नहीं उठा रही है, जिससे समाज में तनाव पैदा हो. उनके मुताबिक, भाजपा सभी वर्गों को साथ लेकर चलने की पक्षधर है.
उन्होंने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति से जुड़े कानून के कथित दुरुपयोग का मुद्दा भी उठाया. रमेश सिंह ने कहा कि पहले भी ऐसे मामले सामने आते रहे हैं और कानून में इससे निपटने के उपाय किए गए हैं.
विंध्य कॉरिडोर और पेड़ों की कटाई
सोनभद्र में विंध्य कॉरिडोर परियोजना के निर्माण के दौरान जंगलों की कटाई और विस्थापन से जुड़े सवाल पर भाजपा नेता ने कहा कि बड़ी परियोजनाओं और राजमार्गों के निर्माण में कई बार पेड़ हटाने पड़ते हैं.
उन्होंने दावा किया कि परियोजनाओं और हाईवे निर्माण में काटे जाने वाले पेड़ों के मुकाबले दोगुने पेड़ लगाने का प्रयास किया जाता है. उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार किसानों के हितों का ध्यान रखती है.
अखिलेश यादव के अयोध्या दौरे पर टिप्पणी
अखिलेश यादव के अयोध्या जाने को लेकर रमेश सिंह ने उनके परिवार और पूर्ववर्ती सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने अयोध्या में कारसेवकों पर हुई गोलीबारी की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि लोगों को यह घटना याद है. उन्होंने इसके लिए पूर्व में अखिलेश यादव की पार्टी की सरकार को जिम्मेदार ठहराया.
चुनाव और विपक्ष पर निशाना
आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर रमेश सिंह ने कहा कि भाजपा के कार्यकर्ता हमेशा चुनाव के लिए तैयार रहते हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि हार की आशंका होने पर विपक्ष चुनावी संस्थाओं पर सवाल उठाने लगता है.
कांग्रेस पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में पार्टी के कार्यकर्ता कहीं दिखाई नहीं देते. उनके ये बयान आगामी चुनाव को लेकर भाजपा की राजनीतिक तैयारियों और विपक्ष के प्रति उसके रुख को दर्शाते हैं.

