सोनीपत के स्कूल में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो का जागरूकता कार्यक्रम, 354 विद्यार्थियों और 22 शिक्षकों ने लिया भाग

सोनीपत। शौर्य दिवस की प्रेरणा और देशभक्ति के जज्बे के साथ सोनीपत के विद्यार्थियों ने नशे से दूर रहने और नशामुक्त समाज के निर्माण में योगदान देने का संकल्प लिया। हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की ओर से राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, सोनीपत में नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में गीत, संगीत और काव्य के माध्यम से विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया गया। इस दौरान विद्यालय की प्राचार्या अरुणा कुमारी सहित 354 विद्यार्थी और 22 शिक्षक मौजूद रहे।

शौर्य दिवस से मिली साहस और कर्तव्य की प्रेरणा

हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक संजय कुमार, आईपीएस के निर्देशन और संयुक्त पुलिस आयुक्त फरीदाबाद एवं पुलिस उप महानिरीक्षक राजेंद्र कुमार मीणा, आईपीएस के नेतृत्व में प्रदेशभर में नशे के खिलाफ जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत ब्यूरो के जागरूकता कार्यक्रम एवं पुनर्वास प्रभारी उप निरीक्षक डॉ. अशोक कुमार वर्मा विद्यार्थियों और आमजन को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। वह साइकिल के माध्यम से भी जनजागरूकता का संदेश लोगों तक पहुंचा रहे हैं।

कार्यक्रम में 27 अक्टूबर के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए डॉ. अशोक कुमार वर्मा ने बताया कि वर्ष 1947 में इसी दिन भारतीय सेना श्रीनगर पहुंची थी और जम्मू-कश्मीर की रक्षा के लिए ऐतिहासिक अभियान शुरू किया था। सैनिकों के साहस, पराक्रम और बलिदान की स्मृति से जुड़ा यह दिन देश के प्रति समर्पण, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा की प्रेरणा देता है।

उन्होंने विद्यार्थियों को संदेश दिया कि जिस प्रकार सैनिक देश की रक्षा के लिए दृढ़ संकल्प के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हैं, उसी तरह युवाओं को भी नशे जैसी सामाजिक बुराई के खिलाफ मजबूती से खड़ा होना चाहिए। अपने जीवन में अनुशासन अपनाकर और गलत आदतों से दूर रहकर युवा देश के उज्ज्वल भविष्य में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।

गीत-संगीत और कविता से समझाए नशे के दुष्परिणाम

जागरूकता कार्यक्रम के दौरान गीत, संगीत और काव्य के जरिए नशे के दुष्प्रभावों को रोचक एवं प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। विद्यार्थियों को बताया गया कि नशे की लत केवल शरीर को नुकसान नहीं पहुंचाती, बल्कि शिक्षा, पारिवारिक जीवन, आर्थिक स्थिति और सामाजिक प्रतिष्ठा पर भी बुरा असर डालती है।

नशे के कारण व्यक्ति की निर्णय लेने की क्षमता प्रभावित हो सकती है और उसके करियर व भविष्य के सपनों पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। ऐसे में विद्यार्थियों को अपनी ऊर्जा पढ़ाई, खेलकूद, योग, रचनात्मक गतिविधियों और समाजसेवा में लगाने के लिए प्रेरित किया गया।

गलत संगति से बचें, जरूरत पड़ने पर लें मदद

कार्यक्रम में विद्यार्थियों को समझाया गया कि यदि उन पर मित्रों या किसी अन्य व्यक्ति की ओर से नशीले पदार्थों के सेवन का दबाव बनाया जाता है, तो उन्हें समझदारी से उसका विरोध करना चाहिए। ऐसी स्थिति में अभिभावकों और शिक्षकों से मदद लेने में संकोच नहीं करना चाहिए।

डॉ. अशोक कुमार वर्मा ने जागरूकता का संदेश अपने परिवारों और आसपास के लोगों तक पहुंचाने की अपील भी की। उन्होंने बताया कि नशे की समस्या से जूझ रहे लोगों के प्रति संवेदनशीलता बरतना और उन्हें उचित परामर्श एवं उपचार के लिए प्रेरित करना भी समाज की जिम्मेदारी है।

नशे के खिलाफ सूचना देने के लिए हेल्पलाइन जारी

हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो का उद्देश्य जनजागरूकता के माध्यम से नशे की समस्या पर अंकुश लगाना, युवाओं को सकारात्मक दिशा देना और समाज में नशामुक्त जीवनशैली को बढ़ावा देना है। कार्यक्रम में इस बात पर जोर दिया गया कि विद्यार्थी देश की अमूल्य धरोहर हैं और उनका स्वस्थ एवं सुरक्षित भविष्य राष्ट्र की प्रगति के लिए बेहद जरूरी है।

ब्यूरो ने आमजन से नशे के खिलाफ अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की। प्रतिबंधित मादक पदार्थों से संबंधित गोपनीय सूचना देने के लिए हेल्पलाइन नंबर 1933 और 90508-91508 जारी किए गए हैं।

कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि शौर्य का अर्थ केवल रणभूमि में पराक्रम दिखाना नहीं है, बल्कि जीवन की बुराइयों से लड़ना, गलत आदतों को छोड़ना और समाज के हित में काम करना भी सच्चे साहस की पहचान है। नशे से दूर रहकर अपने लक्ष्य की ओर बढ़ना और राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों का पालन करना ही युवाओं की असली ताकत है।