रामपुर सपा कार्यालय में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस नेताओं की साझा बैठक आयोजित की गई. सांसद मौलाना मोहिबुल्लाह नदवी ने इस दौरान 2027 चुनाव को लेकर गठबंधन की मजबूती का दावा किया.
रामपुर/शाहजहांपुर. उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं. रविवार को रामपुर स्थित समाजवादी पार्टी कार्यालय में सपा और कांग्रेस नेताओं की एक महत्वपूर्ण साझा बैठक और प्रेस वार्ता संपन्न हुई. इस दौरान रामपुर से सपा सांसद मौलाना मोहिबुल्लाह नदवी और कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रमिल कुमार शर्मा (निक्कू पंडित) समेत दोनों दलों के कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे.
सपा-कांग्रेस गठबंधन पर बड़ा बयान
साझा पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए सांसद मौलाना मोहिबुल्लाह नदवी ने आगामी विधानसभा चुनाव और विपक्षी गठबंधन की दिशा पर अपने विचार रखे. उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनावी माहौल में कार्यकर्ताओं के बीच व्यक्तिगत विचार आना स्वाभाविक है. उन्होंने कहा कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता राहुल गांधी का दृष्टिकोण बेहद सकारात्मक और मजबूत है. वैचारिक आधार पर बना यह गठबंधन पूरी तरह एकजुट रहकर आगे बढ़ेगा.

भाजपा पर साधा निशाना
सांसद नदवी ने सत्ताधारी दल पर हमला बोलते हुए कहा कि देश की जनता अब भारतीय जनता पार्टी की नीतियों को नकार चुकी है. पूरे देश में परिवर्तन का वातावरण बन रहा है. उन्होंने चुनावी व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि विपक्षी दल लगातार लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को लेकर अपनी चिंताएं दर्ज करा रहे हैं.
टिकट दावेदारी पर रखी राय
पार्टी के भीतर प्रत्याशियों के चयन को लेकर उठे सवालों पर सांसद ने प्रतिक्रिया दी. पूर्व सांसद डॉ. तजीन फातिमा द्वारा अपने पसंदीदा उम्मीदवारों के लिए टिकट की मांग से जुड़े प्रश्न पर उन्होंने कहा कि संगठन में प्रत्येक सदस्य को अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है. डॉ. तजीन फातिमा पार्टी की वरिष्ठ नेता रही हैं और अंतिम निर्णय केंद्रीय नेतृत्व द्वारा ही लिया जाएगा.
शाहजहांपुर में सपा की पैदल रैली
उधर शाहजहांपुर में समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के आह्वान पर 2 से 8 अक्टूबर तक चलाए जा रहे ‘लोकतंत्र बचाओ सप्ताह’ के अंतर्गत रविवार को प्रदर्शन किया गया. जिलाध्यक्ष एवं पूर्व चेयरमैन तनवीर खान के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने घंटाघर से गांधी भवन तक “वोट बचाओ-देश बचाओ” पैदल मार्च निकाला. सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार में संवैधानिक मूल्यों और लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन हो रहा है.

