Lifestyle Desk : सर्दियों का मौसम शुरू होते ही खानपान में बदलाव करना जरूरी हो जाता है। ठंडी हवा, तापमान में गिरावट और आसपास फैलने वाले विषाणुओं के कारण इस मौसम में सर्दी-जुकाम, गले में खराश और खांसी जैसी परेशानियां आम हो जाती हैं। ऐसे में शरीर को स्वस्थ रखने के लिए पौष्टिक भोजन के साथ पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ लेना भी जरूरी है। कई बार ठंड के कारण प्यास कम लगती है और लोग पानी पीना भी कम कर देते हैं। इससे शरीर में पानी की कमी हो सकती है।

अगर आप भी सर्दियों में चाय-कॉफी के अलावा कुछ सेहतमंद पीना चाहते हैं, तो घर पर तैयार होने वाले ये पांच पेय अपने खानपान में शामिल कर सकते हैं। ये शरीर को गर्माहट देने, पानी की जरूरत पूरी करने और संतुलित आहार के जरिए रोग प्रतिरोधक क्षमता को सामान्य बनाए रखने में मदद कर सकते हैं।

तुलसी और अदरक का काढ़ा
सर्दियों में तुलसी और अदरक से तैयार पेय काफी पसंद किया जाता है। इसे बनाने के लिए एक कप पानी में तुलसी की कुछ पत्तियां और अदरक का छोटा टुकड़ा डालकर कुछ मिनट उबालें। इसके बाद छानकर गुनगुना पिएं। स्वाद के लिए थोड़ा नींबू भी मिला सकते हैं।
अदरक गले में होने वाली हल्की परेशानी को शांत करने में मदद कर सकता है। गर्म पेय पीने से गले को आराम मिल सकता है और शरीर में तरल पदार्थों की कमी भी नहीं होती। हालांकि, यह काढ़ा किसी संक्रमण को रोकने या ठीक करने की गारंटी नहीं देता। इसे बहुत अधिक मात्रा में पीने से बचें।

नींबू वाला गुनगुना पानी
सुबह उठकर गुनगुना नींबू पानी पीना एक आसान आदत हो सकती है। इसके लिए एक गिलास गुनगुने पानी में आधा नींबू निचोड़ लें। चाहें तो बिना चीनी के ही इसका सेवन करें।नींबू में विटामिन सी पाया जाता है, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता के सामान्य कामकाज के लिए जरूरी है। यह शरीर को आयरन के अवशोषण में भी मदद करता है। हालांकि, नींबू पानी अकेले सर्दी-जुकाम से बचाव नहीं करता। जिन लोगों को अम्लता या सीने में जलन की परेशानी रहती है, उन्हें इसे पीने से परेशानी बढ़ सकती है।

हल्दी वाला दूध
सर्दियों में रात को सोने से पहले गुनगुना हल्दी वाला दूध पीना कई घरों में पुरानी परंपरा है। इसे बनाने के लिए एक कप दूध गर्म करें और उसमें एक चौथाई चम्मच हल्दी मिलाएं। चाहें तो एक चुटकी काली मिर्च भी डाल सकते हैं।हल्दी में करक्यूमिन नामक यौगिक पाया जाता है, जिस पर इसके सूजनरोधी गुणों को लेकर शोध हुए हैं। दूध प्रोटीन और कैल्शियम जैसे पोषक तत्व भी देता है। यह पेय पौष्टिक आहार का हिस्सा बन सकता है, लेकिन इसे किसी बीमारी की दवा नहीं समझना चाहिए।

अदरक की चाय
अगर सुबह उठते ही चाय पीने की आदत है, तो अदरक वाली चाय एक अच्छा विकल्प हो सकती है। पानी में कुटी हुई अदरक डालकर उबालें। चाहें तो थोड़ी चायपत्ती मिलाएं और फिर दूध या बिना दूध के इसे तैयार करें।
अदरक का स्वाद गर्माहट का एहसास देता है। गले में हल्की खराश होने पर गर्म पेय से कुछ समय के लिए आराम मिल सकता है। हालांकि, चाय में चीनी कम रखें और कैफीन की मात्रा का भी ध्यान दें। बार-बार बहुत तेज चाय पीना जरूरी नहीं है।

आंवले का पेय
सर्दियों में आंवला भी आसानी से मिल जाता है। इसमें विटामिन सी और अन्य लाभकारी पौध यौगिक पाए जाते हैं। आप ताजे आंवले को पानी के साथ पीसकर उसका पेय तैयार कर सकते हैं। इसे छानना चाहें तो छान लें और स्वाद के लिए थोड़ा पानी मिला लें। अतिरिक्त चीनी डालने से बचें।विटामिन सी शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता के सामान्य कामकाज में योगदान देता है। हालांकि, आंवले का पेय पीने से संक्रमण से पूरी सुरक्षा नहीं मिलती। संतुलित भोजन में अन्य फल और सब्जियां शामिल करना भी जरूरी है।

इम्यूनिटी मजबूत रखने के लिए इन बातों का रखें ध्यान
सर्दियों में केवल पेय पदार्थों पर निर्भर रहने के बजाय भोजन में दालें, हरी सब्जियां, मौसमी फल और पर्याप्त प्रोटीन शामिल करें। नियमित नींद लें, शारीरिक गतिविधि बनाए रखें और हाथों की सफाई का ध्यान रखें। फ्लू जैसे संक्रमणों से बचाव के लिए चिकित्सकीय सलाह के अनुसार टीकाकरण भी उपयोगी हो सकता है।