Business Desk – Share Market Crash : शेयर बाजार में आज यानी 11 सितंबर को बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है। सेंसेक्स करीब 700 अंक टूटकर 74,200 के स्तर पर आ गया है। वहीं निफ्टी भी करीब 250 अंक गिरकर 23,250 के आसपास कारोबार कर रहा है। बाजार में गिरावट की बड़ी वजह कच्चे तेल की बढ़ती कीमत और दुनिया के दूसरे बाजारों में कमजोरी को माना जा रहा है।

निवेशकों की चिंता इसलिए भी बढ़ी है, क्योंकि विदेशी निवेशक लगातार भारतीय बाजार से पैसा निकाल रहे हैं। दूसरी तरफ अमेरिका में बॉन्ड से मिलने वाला रिटर्न बढ़ने से भी भारत जैसे बाजारों पर दबाव बढ़ा है।
कच्चा तेल 108 डॉलर के पार, यहीं से बढ़ी चिंता
बाजार में गिरावट की सबसे बड़ी वजहों में कच्चे तेल की बढ़ती कीमत शामिल है। मिडिल ईस्ट में जंग और लाल सागर में जहाजों पर हमलों के कारण कच्चे तेल की कीमत पिछले एक हफ्ते में करीब 12% बढ़ गई है। अब यह 108 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है।
भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल का आयात करता है। ऐसे में तेल महंगा होने का सीधा असर देश के खर्च पर पड़ता है। इससे पेट्रोल-डीजल से लेकर दूसरी चीजों की कीमतें बढ़ने का खतरा रहता है। महंगाई बढ़ने की आशंका बाजार के लिए अच्छी खबर नहीं होती। यही वजह है कि कच्चे तेल की तेजी से निवेशक चिंतित हैं।
अमेरिकी बॉन्ड का रिटर्न बढ़ा, विदेशी निवेशकों पर दबाव
अमेरिका में 10 साल की बॉन्ड यील्ड बढ़कर 4.94% के पार पहुंच गई है। आसान भाषा में समझें तो अमेरिकी बॉन्ड में अब निवेशकों को पहले के मुकाबले ज्यादा रिटर्न मिल रहा है।
ऐसे में विदेशी निवेशकों के लिए भारत जैसे बाजारों में पैसा लगाने की दिलचस्पी कम हो सकती है। वे भारतीय शेयरों से पैसा निकालकर अमेरिकी बाजार में लगा सकते हैं। इसका असर सीधे भारतीय शेयर बाजार पर पड़ता है।
FII ने 10 सितंबर को 438 करोड़ रुपए निकाले
विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FII ने 10 सितंबर को भारतीय बाजार से 438 करोड़ रुपए के शेयर बेच दिए। हालांकि घरेलू संस्थागत निवेशक यानी DII लगातार खरीदारी कर रहे हैं और बाजार को संभालने की कोशिश कर रहे हैं।
पिछले 7 दिनों में DII ने 4,451 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे हैं। पिछले 30 दिनों में उनकी खरीदारी 68,944 करोड़ रुपए रही है। दूसरी तरफ FII/FPI ने पिछले 7 दिनों में 864 करोड़ रुपए और पिछले 30 दिनों में 10,141 करोड़ रुपए की बिकवाली की है। यानी घरेलू निवेशकों की खरीदारी जारी है, लेकिन विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली बाजार पर भारी पड़ रही है।
एशियाई बाजार भी आज लाल निशान में
भारतीय बाजार के साथ एशिया के दूसरे प्रमुख बाजारों में भी आज गिरावट है। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 179 अंक यानी 2.73% गिरकर 6,855 पर है। जापान का निक्केई 1,802 अंक यानी 2.76% टूटकर 63,469 पर कारोबार कर रहा है।
हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग भी 242 अंक यानी 1.04% नीचे 24,712 के स्तर पर है। यानी सिर्फ भारतीय बाजार ही नहीं, बल्कि एशिया के ज्यादातर बड़े बाजारों में आज बिकवाली का दबाव है।
अमेरिकी बाजार भी कल गिरकर बंद हुए थे
इससे पहले 10 सितंबर को अमेरिका के शेयर बाजारों में भी गिरावट रही थी। डाउ जोन्स 317 अंक यानी 0.60% गिरकर 52,064 पर बंद हुआ। नैस्डैक 172 अंक यानी 0.65% नीचे 26,082 पर रहा। वहीं S&P 500 में 45 अंक यानी 0.58% की गिरावट रही और यह 7,592 पर बंद हुआ। अमेरिकी बाजार की कमजोरी का असर भी आज भारतीय बाजार पर दिखाई दे रहा है।
कल सेंसेक्स 138 अंक चढ़ा था
इससे पहले 10 सितंबर को बाजार में तेजी रही थी। सेंसेक्स 138 अंक बढ़कर 74,903 पर बंद हुआ था। निफ्टी भी 46 अंक चढ़कर 23,478 पर पहुंचा था। बैंकिंग और मीडिया शेयरों में सबसे ज्यादा खरीदारी देखने को मिली थी।
लेकिन आज बाजार का रुख पूरी तरह बदल गया है। कच्चे तेल की तेजी, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और एशियाई बाजारों की कमजोरी ने सेंसेक्स-निफ्टी पर दबाव बढ़ा दिया है। अब निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि दिन आगे बढ़ने के साथ बाजार में खरीदारी लौटती है या गिरावट और गहरी होती है।



