राकेश चतुर्वेदी, भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य के मंदिरों और उनकी संपत्तियों के बेहतर प्रबंधन को लेकर एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई है। बैठक में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि मंदिरों से जुड़ी भूमियों का उपयोग मंदिर की व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए किया जाए। इसके साथ ही भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थलों के विकास, गौ-संवर्धन और डिजिटल प्लेटफॉर्म के विस्तार को लेकर कई अहम फैसले लिए गए हैं।

भूमि का व्यावसायिक उपयोग और गौशालाओं का विकास

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट किया है कि मंदिरों की संपत्तियों और जमीनों का सदुपयोग करते हुए उनकी आय बढ़ाई जाए। कृषि व व्यावसायिक गतिविधियां: मंदिरों के स्वामित्व वाली भूमि पर कृषि के साथ-साथ अन्य व्यावसायिक गतिविधियां संचालित करने की एक ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए। गौशालाओं और वृंदावन गांवों का संबल: प्रदेश के बड़े मंदिरों की आय के एक निश्चित भाग का उपयोग क्षेत्र की गौशालाओं और आसपास के ‘वृंदावन गांव’ की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए किया जाएगा।

जल संरचनाओं का जीर्णोद्धार

मंदिरों में मौजूद जल संरचनाओं के संवर्धन और प्रबंधन के लिए ‘जल गंगा अभियान’ के तहत विशेष गतिविधियां चलाई जाएंगी। प्रदेशभर में 3,200 से अधिक मंदिरों के रखरखाव, प्रवेश द्वारों के निर्माण और ‘श्रीकृष्ण पाथेय’ की जल संरचनाओं का संरक्षण किया जाएगा।

उज्जैन में बनेगी अत्याधुनिक रिसर्च लाइब्रेरी

भगवान श्रीकृष्ण के जीवन दर्शन, शिक्षा और उनके विचारों को जन-जन तक पहुँचाने के लिए सरकार ने सांस्कृतिक और शैक्षणिक स्तर पर बड़े कदम उठाने का निर्णय लिया है। अत्याधुनिक रिसर्च लाइब्रेरी: उज्जैन में दुर्लभ पांडुलिपियों, शोध पत्रों और भगवान श्रीकृष्ण पर केंद्रित अध्ययन के लिए एक अत्याधुनिक रिसर्च लाइब्रेरी की स्थापना की जाएगी।

समर्पित डिजिटल प्लेटफॉर्म

भगवान श्रीकृष्ण पर केंद्रित शोध वृत्तचित्र (डॉक्यूमेंट्री), नाट्य और संगीत श्रृंखलाओं के प्रसारण के लिए एक समर्पित यूट्यूब डिजिटल प्लेटफॉर्म का संचालन किया जाएगा। विचार सत्र और संगोष्ठियां: जीवन प्रबंधन और अर्थव्यवस्था संचालन के क्षेत्र में भगवान कृष्ण के विचारों को प्रासंगिक मानते हुए कृषि और गौ-संवर्धन पर केंद्रित प्रादेशिक व राष्ट्रीय स्तर के विचार सत्र आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा, श्रीकृष्ण भक्ति से जुड़ी संस्थाओं का सहयोग भी लिया जाएगा।

‘श्रीकृष्ण पाथेय योजना’ के तहत विकास कार्यों में तेजी

बैठक में ‘श्रीकृष्ण पाथेय योजना’ के अंतर्गत चल रहे विभिन्न विकास कार्यों की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि निम्नलिखित प्रमुख स्थलों पर जारी परियोजनाओं के कार्यों को तीव्र गति से पूरा किया जाए:

नारायण धाम (महिदपुर)
श्रीकृष्ण धाम (छतरपुर)
जानापाव (महू, इंदौर)
अमझेरा (धार)
मां जागेश्वरी लोक (चंदेरी)
श्रीकृष्ण राधा लोक (पन्ना)
जामगढ़ की पहाड़ियां (रायसेन जिला)

सरकार इन सभी गतिविधियों को जन-भागीदारी और विभिन्न शासकीय योजनाओं के समन्वय से एक व्यापक अभियान के रूप में संचालित करने जा रही है, जिससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ सांस्कृतिक धरोहरों का संरक्षण भी सुनिश्चित हो सके।

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