नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए 1 नवंबर से विंटर एक्शन प्लान लागू कर दिया गया है। इसके तहत नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ पहले ही दिन सख्त कार्रवाई की गई। रविवार शाम 5 बजे तक विभिन्न उल्लंघनों के मामलों में कुल 68.4 लाख रुपये का जुर्माना और पर्यावरण मुआवजा लगाया गया।
14,930 वाहनों की हुई जांच, 1,539 को लौटाया
विंटर एक्शन प्लान के तहत दिल्ली के बाहर से आने वाले प्री-BS-VI वाहनों की एंट्री पर रोक लगाई गई है। रविवार को दिल्ली की सीमाओं पर कुल 14,930 वाहनों की जांच की गई। इनमें से नियमों का उल्लंघन करने वाले 1,539 वाहनों को बॉर्डर से ही वापस भेज दिया गया। इसके अलावा 127 वाहनों के चालान काटे गए, जबकि 62 गाड़ियों को जब्त किया गया। इस कार्रवाई के तहत 2 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया।
प्रदूषण नियंत्रण के लिए सख्ती
दिल्ली में सर्दियों के दौरान प्रदूषण का स्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए विंटर एक्शन प्लान लागू किया गया है। इसके तहत वाहनों से होने वाले प्रदूषण और निर्माण स्थलों पर धूल को नियंत्रित करने के लिए निगरानी और कार्रवाई तेज की गई है। पहले दिन की कार्रवाई में लगाए गए जुर्माने और वाहनों के खिलाफ की गई कार्रवाई से साफ है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर प्रशासन की नजर रहेगी।
बड़ी और छोटी निर्माण साइट्स पर हुई कार्रवाई
प्रशासन की जांच में 500 वर्गमीटर से बड़ी 91 निर्माण साइट्स का निरीक्षण किया गया। इनमें 16 जगहों पर नियमों की अनदेखी मिली। इन पर दो बंदी आदेश जारी किए गए, जबकि चार नोटिस दिए गए। वहीं, 500 वर्गमीटर से छोटी 209 साइट्स की जांच में 17 जगहों पर नियमों का उल्लंघन पाया गया। इन साइट्स के खिलाफ 15 बंदी आदेश और 15 नोटिस जारी किए गए। इस तरह निर्माण स्थलों पर कुल 17 बंदी आदेश और 19 नोटिस जारी किए गए। हालांकि, जरूरी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में धूल नियंत्रण से जुड़े नियमों का कोई उल्लंघन नहीं मिला।
ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग ने भी काटे चालान
प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के 493 चालान काटे, जिनसे 49.3 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। इसके अलावा परिवहन विभाग ने भी कार्रवाई करते हुए 73 चालान काटे और 7.3 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। दिल्ली में सर्दियों के दौरान बढ़ते वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए विंटर एक्शन प्लान के तहत कई पाबंदियां लागू कर दी गई हैं। ये प्रतिबंध अलग-अलग समयसीमा के अनुसार लागू रहेंगे। कुछ नियम 31 जनवरी तक तो कुछ 28 फरवरी तक प्रभावी रहेंगे। इसके तहत वाहनों की आवाजाही, निर्माण कार्य, पार्किंग और सरकारी व निजी कार्यालयों के संचालन को लेकर कई अहम फैसले किए गए हैं। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मंजींदर सिंह सिरसा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर प्रदूषण नियंत्रण के लिए की गई कार्रवाई की जानकारी दी। साथ ही उन्होंने लोगों से वाहनों का प्रदूषण जांच प्रमाणपत्र (PUCC) बनवाने और निर्धारित नियमों का पालन करने की अपील की।
31 जनवरी तक बाहरी वाहनों की एंट्री पर रोक
विंटर एक्शन प्लान के तहत दिल्ली में बाहर रजिस्टर्ड BS-VI से कम उत्सर्जन मानक वाले वाहनों की एंट्री पर 31 जनवरी तक रोक रहेगी। इस कदम का उद्देश्य दूसरे राज्यों से आने वाले प्रदूषणकारी वाहनों के कारण राजधानी की हवा पर पड़ने वाले असर को कम करना है।
निर्माण और तोड़फोड़ के कामों पर भी पाबंदी
धूल प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए निर्माण और तोड़फोड़ से जुड़े कार्यों पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। 10 दिसंबर से 20 जनवरी तक इन गतिविधियों पर पूरी तरह रोक रहेगी। हालांकि, जरूरी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को निर्धारित शर्तों के साथ छूट दी जाएगी।
28 फरवरी तक दोगुनी पार्किंग फीस
वाहनों के इस्तेमाल को कम करने और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अधिकृत पार्किंग स्थलों पर 28 फरवरी तक पार्किंग शुल्क दोगुना रखा जाएगा। इससे निजी वाहनों के इस्तेमाल को हतोत्साहित करने की कोशिश की जाएगी।
सरकारी और निजी दफ्तरों में 50 प्रतिशत कर्मचारी ही आएंगे
प्रदूषण नियंत्रण के तहत सरकारी और निजी कार्यालयों के लिए भी विशेष व्यवस्था लागू की गई है। 1 नवंबर से 31 जनवरी तक अधिकतम 50 प्रतिशत कर्मचारी ही कार्यालय आ सकेंगे। बाकी कर्मचारियों को घर से काम (वर्क फ्रॉम होम) करना होगा। हालांकि, जरूरी और आपातकालीन सेवाओं को इन प्रतिबंधों से छूट दी गई है।
लोगों से नियमों का पालन करने की अपील
पर्यावरण मंत्री ने लोगों से अपने वाहनों का प्रदूषण जांच प्रमाणपत्र अपडेट रखने और प्रदूषण नियंत्रण के लिए जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। सरकार का उद्देश्य सर्दियों के दौरान दिल्ली में बढ़ने वाले प्रदूषण पर नियंत्रण रखना और लोगों को साफ हवा उपलब्ध कराना है।
PUCC नहीं होने पर 566 वाहनों के चालान
प्रदूषण नियंत्रण के तहत वैध प्रदूषण जांच प्रमाणपत्र (PUCC) नहीं रखने वाले वाहनों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई। नियमों का उल्लंघन करने पर कुल 566 वाहनों के चालान काटे गए। इनसे 56.6 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। वहीं, निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण से जुड़े नियमों का उल्लंघन करने के मामलों में 9.8 लाख रुपये का पर्यावरण मुआवजा लगाया गया। प्रशासन की ओर से प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों और निर्माण गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाई गई है।
9 साल में अक्टूबर की सबसे साफ हवा
दिल्ली में प्रदूषण के बीच राहत की बात यह है कि अक्टूबर महीने के दौरान पिछले नौ वर्षों में सबसे साफ हवा दर्ज की गई। इस महीने राजधानी का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 166 रहा। हालांकि, अक्टूबर में औसत AQI बेहतर रहने के बावजूद नवंबर की शुरुआत में प्रदूषण का स्तर तेजी से बढ़ने लगा है। ऐसे में सर्दियों के दौरान वायु गुणवत्ता को नियंत्रित रखना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती होगी।
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