राजधानी दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। 2 नवंबर से GRAP-2 की पाबंदियां लागू होने के बाद दिल्ली की सीमाओं पर बाहर से आने वाले वाहनों की कड़ी जांच की जा रही है। वहीं, 1 नवंबर से BS-6 मानकों से कम श्रेणी के वाहनों पर प्रतिबंध संबंधी कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। दिल्ली के अलग-अलग बॉर्डर पर रात 8 बजे तक कुल 8,263 वाहनों की जांच की गई। इस दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाले BS-6 से कम मानक वाले 37 वाहनों के चालान काटे गए। इसके अलावा 1,228 वाहनों को दिल्ली में प्रवेश की अनुमति नहीं देते हुए वापस लौटा दिया गया, जबकि दो वाहनों को जब्त किया गया। प्रदूषण के बढ़ते स्तर को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस और संबंधित एजेंसियां वाहन जांच अभियान चला रही हैं।

1 नवंबर को भी हुआ था ताबड़तोड़ एक्शन

दिल्ली में वाहन जांच और कार्रवाई का अभियान 1 नवंबर को भी चलाया गया था। परिवहन विभाग और दिल्ली पुलिस ने राजधानी के अलग-अलग बॉर्डर पर संयुक्त रूप से मोर्चा संभाला था। इसके लिए करीब 40 टीमें तैनात की गई थीं, जिनमें लगभग 250 अधिकारी और कर्मचारी शामिल थे। अभियान के पहले दिन कुल 7,249 वाहनों की जांच की गई। इनमें से 714 वाहनों को दिल्ली में प्रवेश करने से रोककर वापस भेज दिया गया। वहीं, पुराने और निर्धारित जीवनकाल पूरा कर चुके 38 वाहनों (End-of-Life Vehicles) को जब्त किया गया।

दो दिनों में हजारों वाहनों पर कार्रवाई

दोनों दिनों के आंकड़ों को मिलाकर देखें तो दिल्ली के बॉर्डर पर कुल 15,512 वाहनों की जांच की गई। इस दौरान 1,942 वाहनों को वापस लौटाया गया और 40 वाहनों को जब्त किया गया। इसके अलावा 2 नवंबर को 37 वाहनों के चालान भी काटे गए। प्रदूषण के बढ़ते स्तर को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं। अधिकारियों का उद्देश्य प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों की दिल्ली में आवाजाही पर नियंत्रण रखना है।

दिल्ली में वायु प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। हालात ऐसे हैं कि कई इलाकों की हवा बेहद खराब से गंभीर श्रेणी में पहुंच गई है। इस सीजन में पहली बार दिल्ली के कुछ इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 400 के पार दर्ज किया गया। प्रदूषण के बढ़ते खतरे को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने 2 नवंबर से दिल्ली-एनसीआर में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के दूसरे चरण यानी GRAP-2 को लागू कर दिया है।

कई इलाकों में AQI 400 के पार

2 नवंबर को सुबह 9 बजे दिल्ली का AQI 312 दर्ज किया गया था, जबकि शाम 4 बजे जहांगीरपुरी स्टेशन पर AQI बढ़कर 436 पहुंच गया। इस दौरान जहांगीरपुरी सबसे प्रदूषित इलाका रहा। इसके बाद रोहिणी में 415 और पंजाबी बाग में 413 AQI दर्ज किया गया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) की वेबसाइट पर मंगलवार सुबह 8:30 बजे उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली के कई इलाकों में प्रदूषण का स्तर 400 के पार पहुंच गया था। जहांगीरपुरी में सबसे अधिक AQI 451 दर्ज किया गया। इसके अलावा रोहिणी में 431, पंजाबी बाग में 424, अलीपुर में 415, विवेक विहार में 411, बवाना में 409, डीटीयू में 409 और नरेला में 408 AQI रिकॉर्ड किया गया।

राजधानी के 20 से अधिक इलाकों में AQI 300 से 400 के बीच बना हुआ है। इससे साफ है कि दिल्ली के ज्यादातर इलाकों में हवा की गुणवत्ता बेहद खराब स्थिति में पहुंच चुकी है। प्रदूषण के बढ़ते स्तर को देखते हुए CAQM ने GRAP-2 की पाबंदियां लागू की हैं। इसके तहत धूल नियंत्रण, सड़कों की नियमित सफाई, पानी का छिड़काव और प्रदूषण फैलाने वाले स्रोतों पर निगरानी बढ़ाने जैसे उपाय किए जाते हैं। प्रशासन की ओर से प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए विभिन्न एजेंसियों को सक्रिय किया गया है।

यमुना में फिर दिखे जहरीले झाग, छठ पर्व से पहले तैयारी शुरू

यमुना नदी में भी प्रदूषण बढ़ने लगा है। दिल्ली के कई इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 400 के पार पहुंच गया है। वहीं कालिंदी कुंज के पास यमुना नदी में एक बार फिर जहरीले झाग तैरते दिखाई दिए हैं। हवा और पानी दोनों में बढ़ते प्रदूषण ने राजधानी की चिंता बढ़ा दी है। दिल्ली में वायु प्रदूषण के साथ यमुना नदी की स्थिति भी चिंताजनक होती जा रही है। कालिंदी कुंज के पास यमुना में एक बार फिर सफेद जहरीले झाग की मोटी परत तैरती दिखाई दी है। आगामी छठ पर्व को देखते हुए प्रशासन ने इससे निपटने की तैयारियां शुरू कर दी हैं। यमुना में दिखाई दे रहे झाग को खत्म करने के लिए नदी में केमिकल का छिड़काव किया जा रहा है। छठ पर्व के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु यमुना के घाटों पर पहुंचते हैं और सूर्य को अर्घ्य देते हैं। ऐसे में नदी में बढ़ता प्रदूषण और जहरीले झाग चिंता का विषय बने हुए हैं।

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