Odisha Desk, राउरकेला: नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NIT) राउरकेला के छात्रों की एक टीम ने औद्योगिक श्रमिकों की सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से 5G-संचालित स्मार्ट सेफ्टी हेलमेट ‘GuardNET’ विकसित किया है। 10वें इंडिया मोबाइल कांग्रेस (IMC) 2026 के दौरान आयोजित 5G इनोवेशन हैकाथॉन में इस नवाचार के लिए टीम को प्रथम उपविजेता चुना गया और 1.5 लाख रुपये का नकद पुरस्कार प्रदान किया गया।
यह पुरस्कार 9 अक्टूबर को नई दिल्ली के यशोभूमि में आयोजित समारोह में केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और संचार राज्य मंत्री चंद्र शेखर पेम्मासानी द्वारा छात्रों को सौंपा गया।
दूरसंचार विभाग (DoT) और टेलीकम्युनिकेशन कंसल्टेंट्स इंडिया लिमिटेड (TCIL) द्वारा ‘100 5G यूज़ केस लैब्स’ पहल के तहत आयोजित इस हैकाथॉन में देशभर से 1,450 प्रस्ताव मिले थे, जिनमें से प्रोटोटाइप विकास के लिए 50 टीमों का चयन किया गया था।
NIT राउरकेला के इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग विभाग के छात्रों अल्लूरी ज्योति श्री शंकर, के. भवाजीत, ओम स्वरूप और सत्या लक्ष्मी ने प्रोफेसर एस. एम. हिरेमठ के मार्गदर्शन में इसे तैयार किया है। ‘GuardNET’ हेलमेट में लगे सेंसर कर्मचारी के स्वास्थ्य मापदंडों, गति और शारीरिक स्थिति की निगरानी करते हैं।
यह सॉफ्टवेयर-डिफाइंड रेडियो तकनीक पर आधारित ओपन-सोर्स 5G रेडियो एक्सेस नेटवर्क का उपयोग कर डेटा को सेंट्रल डैशबोर्ड तक भेजता है। किसी भी असामान्य रीडिंग या खतरनाक स्थिति में यह तुरंत आपातकालीन अलर्ट जारी करता है। इसका उपयोग खदानों, निर्माण स्थलों और कारखानों में हादसों को रोकने के लिए किया जा सकता है। IMC 2026 में NIT राउरकेला की 5G यूज़ केस लेबोरेटरी को देश की 100 भाग लेने वाली प्रयोगशालाओं में से शीर्ष 10 लैब्स में स्थान मिला।
प्रोफेसर पूनम सिंह के नेतृत्व और प्रोफेसर एस. एम. हिरेमठ के मार्गदर्शन में इस लैब ने कई महत्वपूर्ण नवाचार प्रदर्शित किए, जिनमें वायु और जल गुणवत्ता निगरानी प्रणाली, वन्यजीव पहचान के लिए AI उपकरण और 5G-आधारित आपदा प्रबंधन प्रणाली शामिल हैं। इस प्रदर्शनी में प्रोफेसर सीटू रानी और प्रोफेसर सुष्मिता दास ने भी भाग लिया।
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