रांची। केंद्रीय विश्वविद्यालय झारखंड (CUJ) के मनातू कैंपस में मेस की व्यवस्था को लेकर छात्रों का आक्रोश रविवार को खुलकर सामने आया। खराब भोजन और बढ़े हुए मेस शुल्क के विरोध में स्नातक और स्नातकोत्तर छात्र-छात्राओं ने विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर धरना शुरू कर दिया। दो छात्र मृत्युंजय और अंकित भूख हड़ताल पर बैठ गए, जबकि छात्राएं भी आंदोलन में शामिल रहीं।
फीस बढ़ी, लेकिन खाने की गुणवत्ता नहीं सुधरी
आंदोलन कर रहे छात्रों का आरोप है कि मेस शुल्क बढ़ाकर 3300 से 3800 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है, जबकि पहले करीब 3071 रुपये शुल्क लिया जाता था। इसके बावजूद भोजन की गुणवत्ता में सुधार नहीं हुआ। छात्रों का कहना है कि तीन समय खाना देने का प्रावधान है, लेकिन कई बार सिर्फ दो समय ही भोजन दिया जा रहा है।
सात सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन
छात्रों ने मेस शुल्क कम करने, भोजन की गुणवत्ता सुधारने और व्यवस्था में पारदर्शिता लाने की मांग की है। विश्वविद्यालय प्रशासन को सौंपे गए सात सूत्रीय मांग पत्र में पेशेवर कुक की रोटेशन व्यवस्था, हॉस्टल के अनुसार मेन्यू में बदलाव, गुणवत्तापूर्ण सामग्री का इस्तेमाल, टोकन सिस्टम और अग्रिम शुल्क नहीं लेने जैसी मांगें शामिल हैं।छात्राओं ने मेस की साफ-सफाई और भोजन की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए।
प्रशासन पर धमकी देने का आरोप
छात्रों ने आरोप लगाया कि आंदोलन के दौरान कुछ विद्यार्थियों को हॉस्टल से निकालने की धमकी दी गई। छात्रों का कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों पर व्यक्तिगत कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। मांगें पूरी होने तक धरना और भूख हड़ताल जारी रखने की चेतावनी दी गई है।
विश्वविद्यालय ने शुल्क बढ़ाने की बताई वजह
सीयूजे के डीएसडब्ल्यू डॉ. अनुराग लिंडा ने कहा कि मेस शुल्क में करीब 300 रुपये की बढ़ोतरी यूजी/पीजी कैंटीन कमेटी की सहमति से की गई है। उन्होंने इसे फिलहाल की तात्कालिक व्यवस्था बताया। देर शाम तक विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास करता रहा।

