शिवम मिश्रा, रायपुर. इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) पेपर लीक के बाद अब खराब रिजल्ट को लेकर विवादों में घिर गया है. 5 प्रमुख मांगों को लेकर छात्र-छात्राओं ने आज यूनिवर्सिटी के प्रशासनिक भवन का घेराव किया. इस दौरान छात्रों ने एक कचौड़ी दो समोसा, फैकल्टी का क्या भरोसा की तख्ती लेकर जमकर नारेबाजी की. छात्रों के प्रदर्शन को एनएसयूआई का भी समर्थन मिला.
5 मांगों को लेकर स्टूडेंट्स का प्रदर्शन

प्रदर्शन में शामिल हुए स्टूडेंट्स की 5 प्रमुख मांगे हैं. पहला उत्तर पुस्तिकाओं की निष्पक्ष जांच कर संशोधित परिणाम जारी किए जाए. साथ ही ईयर बैक सिस्टम को पूरी तरह समाप्त करने और इसके लिए स्थायी नियम बनाने की मांग उठाई जा रही है. छात्रों ने चार विषयों में पुनर्मूल्यांकन अनिवार्य करने, पुनर्मूल्यांकन शुल्क माफ करने और ग्रेस मार्क्स बढ़ाने की भी मांग रखी. वहीं RTI के तहत उत्तर पुस्तिकाओं की जांच में लागू ‘बुक रेफरेंस’ के नियम को समाप्त करने की मांग भी प्रदर्शन का प्रमुख मुद्दा रहा.
पारदर्शी परीक्षा और मूल्यांकन व्यवस्था के लिए उठाई आवाज
छात्रों का कहना है कि परीक्षा और मूल्यांकन व्यवस्था में पारदर्शिता होनी चाहिए, ताकि विद्यार्थियों के भविष्य पर प्रतिकूल असर न पड़े. इस प्रदर्शन को NSUI ने भी समर्थन दिया है. अब देखना होगा कि विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों की मांगों पर क्या रुख अपनाता है और इस विरोध के बाद कोई ठोस निर्णय लिया जाता है या नहीं.

4 विषयों में पुनर्मूल्यांकन करा सकेंगे स्टूडेंट्स
कई कृषि कॉलेज में बीएससी कृषि सेकेंड सेमेस्टर का हाल ही में रिजल्ट जारी किया गया है. कांकेर कृषि कॉलेज में 107 में से 100 स्टूडेंट्स फेल हो गए हैं. इसके बाद छात्रों में रिजल्ट को लेकर भारी नाराजगी बताई जा रही है. इस बीच एबीवीपी के प्रतिनिधि मंडल ने निशुल्क पुनर्मूल्यांकन जैसे अन्य छात्रों की मांगों को कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल के सामने रखा. चर्चा के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने पुनर्मूल्यांकन के लिए विषय की सीमा 2 से बढ़ाकर 4 कर दी है.
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