Technology Desk : Uber और AI को लेकर कंपनी की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। यूरोप में Uber पर ड्राइवरों के अकाउंट को ऑटोमेटेड तरीके से सस्पेंड और डीएक्टिवेट करने के मामले में करीब €825 मिलियन यानी 9,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का जुर्माना लगाया गया है। यह कार्रवाई नीदरलैंड्स की Dutch Data Protection Authority (DPA) ने की है। रेगुलेटर का आरोप है कि Uber ने कुछ ड्राइवरों के खिलाफ ऐसे फैसले लिए, जिनमें पर्याप्त मानवीय निगरानी नहीं थी।

AI सिस्टम से लिए गए ड्राइवरों के खिलाफ फैसले
मामला Uber के उन सिस्टम से जुड़ा है, जिनका इस्तेमाल ड्राइवरों के अकाउंट पर कार्रवाई करने के लिए किया जाता था। रेगुलेटर के मुताबिक, कंपनी के ऑटोमेटेड सिस्टम ने धोखाधड़ी की आशंका या कम ग्राहक रेटिंग जैसे मामलों में कुछ ड्राइवरों के अकाउंट सस्पेंड या डीएक्टिवेट किए।
कुछ मामलों में ड्राइवरों को स्थायी रूप से प्लेटफॉर्म से हटाने का फैसला भी कंप्यूटर सिस्टम के जरिए लिया गया। इससे उनकी Uber से होने वाली कमाई पर सीधा असर पड़ा।
ड्राइवरों को सही जानकारी नहीं देने का आरोप
Dutch Data Protection Authority का कहना है कि Uber ने प्रभावित ड्राइवरों को यह पर्याप्त जानकारी नहीं दी कि उनके खिलाफ फैसला किस तरह के ऑटोमेटेड प्रोसेस से लिया गया। GDPR नियमों के तहत ऐसे फैसलों में, जिनका किसी व्यक्ति पर बड़ा असर पड़ता है, सिर्फ ऑटोमेटेड सिस्टम पर निर्भर नहीं किया जा सकता। ऐसे मामलों में जरूरी मानवीय समीक्षा और फैसले को चुनौती देने का मौका दिया जाना चाहिए।
मामला 2018 से 2022 के बीच का
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, यह मामला 2018 से 2022 के बीच की घटनाओं से जुड़ा है। शिकायत फ्रांस में दर्ज की गई थी, लेकिन Uber का यूरोपीय मुख्यालय नीदरलैंड्स में होने के कारण मामले की जांच Dutch Data Protection Authority ने की।
Uber ने आरोपों से जताई असहमति
Uber ने इस फैसले से असहमति जताई है। कंपनी का कहना है कि ज्यादातर ड्राइवरों के सस्पेंशन अस्थायी होते हैं। Uber के मुताबिक, किसी ड्राइवर को स्थायी रूप से डीएक्टिवेट करने से पहले मानवीय समीक्षा की जाती है। कंपनी ने यह भी कहा है कि ड्राइवरों के पास फैसले के खिलाफ अपील करने का विकल्प मौजूद है।
GDPR का बड़ा जुर्माना
करीब €824.99 मिलियन का यह जुर्माना GDPR के तहत अब तक के सबसे बड़े जुर्मानों में शामिल है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, इससे बड़ा GDPR जुर्माना 2023 में Meta पर लगाया गया था, जिसकी रकम €1.2 बिलियन थी। यह मामला दिखाता है कि कंपनियों के लिए AI का इस्तेमाल सिर्फ तकनीक और सुविधा का मामला नहीं है। जब AI किसी व्यक्ति की नौकरी या कमाई को प्रभावित करने वाला फैसला लेता है, तो उसके साथ पारदर्शिता और मानवीय निगरानी भी जरूरी हो जाती है।


