Business Desk – Sukanya Samriddhi Yojana : बेटी की पढ़ाई, उच्च शिक्षा, करियर और शादी जैसे बड़े खर्चों के लिए समय रहते आर्थिक योजना बनाना जरूरी है। ऐसे में केंद्र सरकार की सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) बेटियों के भविष्य के लिए बनाई गई छोटी बचत योजनाओं में एक प्रमुख विकल्प है। यह योजना ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान के तहत शुरू की गई थी। इसमें सरकार द्वारा तय ब्याज मिलता है और पात्र निवेश पर आयकर लाभ भी मिलता है।

कौन खोल सकता है सुकन्या समृद्धि खाता?

सुकन्या समृद्धि खाता बेटी के जन्म से लेकर उसके 10 साल की उम्र पूरी होने से पहले तक खोला जा सकता है। खाता माता-पिता या कानूनी अभिभावक खोल सकते हैं। सामान्य तौर पर एक परिवार में अधिकतम दो बेटियों के लिए खाते खोले जा सकते हैं। जुड़वां या एक साथ तीन बेटियों के जन्म जैसे विशेष मामलों में दो से अधिक खाते खोलने की अनुमति के नियम लागू होते हैं।

साल में कितना पैसा जमा कर सकते हैं?

इस योजना में एक वित्तीय वर्ष में कम से कम 250 रुपए और अधिकतम 1.5 लाख रुपए जमा किए जा सकते हैं। पूरी रकम एक साथ जमा करना जरूरी नहीं है। अभिभावक अपनी सुविधा के अनुसार साल के दौरान अलग-अलग किस्तों में भी पैसा जमा कर सकते हैं।

खाता खुलने की तारीख से 15 साल तक रकम जमा करनी होती है। हालांकि योजना की मैच्योरिटी खाता खुलने के 21 साल बाद होती है। यानी निवेश बंद होने के बाद भी अगले छह साल तक खाते में जमा रकम पर ब्याज मिलता रहता है।

कितनी ब्याज दर मिलती है?

सुकन्या समृद्धि योजना की ब्याज दर केंद्र सरकार समय-समय पर तय करती है। आपके दिए कंटेंट में 8.20% सालाना ब्याज दर बताई गई है, लेकिन इसे वर्तमान दर के रूप में प्रकाशित करने से पहले संबंधित तिमाही की सरकारी अधिसूचना से जांचना जरूरी है। ब्याज सालाना चक्रवृद्धि आधार पर खाते में जुड़ता है।

टैक्स में भी मिलता है फायदा

सुकन्या समृद्धि योजना को EEE यानी Exempt-Exempt-Exempt श्रेणी का निवेश माना जाता है। पात्र निवेश पर आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत सालाना 1.5 लाख रुपए तक की सीमा में टैक्स लाभ मिल सकता है। खाते पर मिलने वाला ब्याज और नियमों के तहत मिलने वाली मैच्योरिटी राशि भी टैक्स लाभ के दायरे में आती है।

हर साल 1.5 लाख जमा करने पर कितना फंड बनेगा?

अगर कोई अभिभावक हर साल अधिकतम 1.5 लाख रुपए जमा करता है और 15 साल तक लगातार निवेश करता है, तो कुल जमा रकम 22.50 लाख रुपए होगी। इसके बाद खाता मैच्योर होने तक ब्याज जुड़ता रहेगा।

हालांकि 21 साल बाद मिलने वाली अंतिम रकम को अभी से निश्चित रूप से 70 लाख रुपए या कोई दूसरी राशि बताना सही नहीं होगा, क्योंकि SSY की ब्याज दर सरकार समय-समय पर बदल सकती है। इसलिए वास्तविक मैच्योरिटी राशि उस अवधि के दौरान लागू ब्याज दरों और खाते में जमा करने के समय पर निर्भर करेगी।

बेटी के भविष्य के लिए क्यों खास है योजना?

सुकन्या समृद्धि योजना का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह लंबी अवधि के लिए बेटी के नाम पर बचत करने का अनुशासित तरीका देती है। इसमें निवेश की सीमा तय है, 15 साल तक योगदान किया जाता है और खाता 21 साल में मैच्योर होता है। इसलिए बेटी की उच्च शिक्षा या भविष्य के दूसरे बड़े आर्थिक लक्ष्यों के लिए लंबे समय में रकम तैयार की जा सकती है।

खाता पोस्ट ऑफिस या अधिकृत बैंक शाखा के जरिए खोला जा सकता है। निवेश करने से पहले मौजूदा ब्याज दर, निकासी के नियम, टैक्स व्यवस्था और योजना की आधिकारिक शर्तों को जरूर जांच लेना चाहिए।