अजय सैनी, भिवानी. देशभर के युवाओं के भविष्य से जुड़े गंभीर मुद्दों, चुनावी प्रक्रिया में भारी धांधली और लोकतांत्रिक संस्थाओं की साख पर मंडराते खतरों के खिलाफ राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक विशाल और शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया गया। इस प्रदर्शन के दौरान मुख्य रूप से चुनाव आयोग में हुई धांधली के विरोध में चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, एसआईआर को तुरंत रद्द करने और आगामी चुनाव बैलेट पेपर से कराए जाने की पुरजोर मांग उठाई गई।

इसके साथ ही देश में बढ़ते रोजगार संकट, लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों और छात्र अधिकारों की रक्षा के लिए हजारों युवा सडक़ पर उतरे। इस प्रदर्शन में हरियाणा के भिवानी से भी भारी संख्या में युवा और छात्र संगठनों के प्रतिनिधि शामिल होने पहुंचे थे। आंदोलन की धमक से घबराई दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन शुरू होने से पहले ही भिवानी से पहुंचे एनएसयूआई के छात्र नेता सुमित बराड़ को उनके अन्य साथियों सहित हिरासत में ले लिया। छात्र नेता सुमित बराड़ ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर बेहद तीखा और आक्रामक हमला बोला। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि देश में संविधान और लोकतंत्र का गला घोंटा जा रहा है।

उन्होंने कहा कि आज देश का युवा और आम नागरिक चौराहे पर खड़ा होकर अपने लोकतांत्रिक अधिकारों की भीख मांगने को मजबूर है। चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो चुके हैं, और 13.3 करोड़ वोटों को गलत एसआईआर के माध्यम से काट देना सीधे तौर पर लोकतंत्र की गला घोंटने और जनता के मताधिकार की हत्या करने जैसा कुकृत्य है। देश की जनता इस तानाशाही को और सहन नहीं करेगी। हम स्पष्ट मांग करते हैं कि धांधली के मुख्य जिम्मेदार चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार तुरंत अपने पद से इस्तीफा दें, इस दोषपूर्ण एसआईआर प्रक्रिया को पूरी तरह रद्द किया जाए और भविष्य के सभी चुनाव ईवीएम की बजाय निष्पक्ष बैलेट पेपर (मतपत्र) पर कराए जाएं।