हल्द्वानी से कांग्रेस विधायक सुमित हृदयेश ने अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए फोन टैपिंग और संभावित साजिश के आरोप लगाए हैं. उन्होंने अप्रैल 2025 में तत्कालीन एसएसपी को शिकायत देने का दावा किया और गैरसैंण विधानसभा सत्र के दौरान खौफनाक कदम उठाने की चेतावनी दी.

हल्द्वानी. उत्तराखंड के नैनीताल जिले की हल्द्वानी विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक सुमित हृदयेश ने अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई है. मीडिया के सामने भावुक हुए विधायक ने फोन टैपिंग, निगरानी और अपनी गाड़ी का एक्सीडेंट कराए जाने की आशंका व्यक्त करते हुए सरकार से न्याय और सुरक्षा की मांग की.

फोन टैपिंग के आरोप

सुमित हृदयेश ने आरोप लगाया कि प्रदेश में एक बड़ा गिरोह नेताओं के फोन टैप कर रहा है. उन्होंने दावा किया कि उनके परिवार के फोन भी टैप किए जा रहे हैं और उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है.

विधायक ने यह आशंका भी जताई कि उनकी गाड़ी का एक्सीडेंट कराकर उन्हें नुकसान पहुंचाया जा सकता है. उन्होंने आरोप लगाया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की मदद से उनकी आवाज की फर्जी कॉल रिकॉर्डिंग और वीडियो तैयार करके वायरल किए जा सकते हैं.

अप्रैल 2025 में शिकायत का दावा

सुमित हृदयेश के मुताबिक, उन्होंने इस मामले को लेकर पहले भी शिकायत की थी. उनका कहना है कि अप्रैल 2025 में उन्होंने तत्कालीन एसएसपी को लिखित शिकायत दी थी. उन्होंने मुख्यमंत्री के सामने भी यह मुद्दा उठाने का दावा किया.

विधायक ने इस कथित मामले में निजी कंपनियों से जुड़े लोगों और कुछ प्रभावशाली व्यक्तियों की भूमिका होने की आशंका भी जताई. हालांकि, फोन टैपिंग और साजिश से जुड़े उनके आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.

परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता

भावुक हुए विधायक ने अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जाहिर की. उन्होंने सरकार से मामले में न्याय दिलाने और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की.

सुमित हृदयेश ने गैरसैंण में होने वाले विधानसभा सत्र के दौरान खौफनाक कदम उठाने की चेतावनी भी दी. उनके इस बयान के बाद उन्होंने अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की.

विधायकी छोड़ने की पेशकश

इस दौरान रामनगर के संजय नेगी और बाजपुर के सोनू शर्मा भी विधायक के साथ मौजूद रहे. सुमित हृदयेश ने दोनों को कांग्रेस में शामिल कराने की बात कही और इसके लिए अपनी विधायकी छोड़ने तक की पेशकश की.