Dharm Desk – सूर्य देव ने आज गुरुवार को कन्या राशि में प्रवेश किया हैं। सूर्य का यह राशि परिवर्तन करीब 30 दिनों तक रहेगा। 17 अक्टूबर तक इसका प्रभाव बताया जा रहा है। ज्योतिष में सूर्य को आत्म विश्वास, मान-सम्मान, पद और पिता का कारक ग्रह कहा जाता है। ऐसे में सूर्य के राशि परिवर्तन का प्रभाव सभी राशियों पर अलग-अलग देखने को मिल सकता है। ज्योतिषीय आकलन के अनुसार, इस दौरान मेष, वृषभ, तुला और कुंभ राशि वालों को कुछ मामलों में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

मेष राशि
सूर्य का कन्या राशि में गोचर मेष के लिए प्रेम संबंध, शिक्षा और संतान से जुड़े मामलों में उतार-चढ़ाव ला सकता है । इस दौरान किसी बात को लेकर तनाव या गलत-फहमी हो सकती है। विद्यार्थियों को पढ़ाई में एकाग्रता बनाए रखने की जरूरत होगी। संतान से जुड़े किसी निर्णय में जल्दबाजी करने से बचें। निवेश से जुड़े फैसले भी सोच-समझकर लेना बेहतर रहेगा।
वृषभ राशि
वृषभ राशि वालों के लिए यह समय घर-परिवार और कार्यक्षेत्र से जुड़े मामलों में सावधानी रखने वाला हो सकता है, नौकरी या कारोबार में कोई महत्वपूर्ण फैसला लेने से पहले उसके सभी पहलुओं पर अच्छी तरह से विचार करें। आर्थिक मामलों में जल्दबाजी नुकसान का कारण बन सकती है। परिवार के सदस्यों के साथ बात-चीत करते समय भी अपने शब्दों का ध्यान रखें।
तुला राशि
तुला के जातकों के लिए सूर्य का यह गोचर खर्च और स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में सावधानी बरतने का संकेत है। इस अवधि में अचानक खर्च बढ़ सकते है, यात्रा के दौरान भी अतिरिक्त सतर्कता रखें। किसी बड़े आर्थिक लेन-देन में जल्दबाजी न करें। अपनी दिनचर्या और आराम का भी ध्यान रखना जरूरी होगा।
कुंभ राशि
कुंभ राशि वालों को नौकरी और कार्य क्षेत्र में कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। सहकर्मियों या अधिकारियों के साथ किसी बात को लेकर मतभेद की स्थिति बन सकती है । इसलिए गुस्से में प्रतिक्रिया देने से बचें। काम से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेजों और फैसलों में सावधानी रखें। अचानक आने वाले खर्चों के लिए भी बजट संभालकर चलना बेहतर रहेगा ।
ये काम सूर्य देव को प्रसन्न करेंगे
सूर्य के इस गोचर के दौरान रोज सुबह स्नान के बाद सूर्य देव को तांबे के पात्र से जल अर्पित कर सकते हैं। जल चढ़ाते समय सूर्य मंत्र का जाप करें। रविवार के दिन जरूरत मंद व्यक्ति को गेहूं, गुड़ या तांबे की वस्तु का दान करना भी शुभ रहेगा। पिता और बुजुर्गों का सम्मान करें और उनके आर्शीवाद लें।



