गुजरात के सूरत शहर स्थित नानपुरा क्षेत्र में बने नए और अत्याधुनिक फिश मार्केट के लोकार्पण से पहले ही उसके नामकरण को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। ‘द सूरत फिश मर्चेंट एसोसिएशन’ की ओर से सूरत महानगर पालिका (मनपा) की औपचारिक अनुमति लिए बिना ही मार्केट के मुख्य द्वार पर ‘श्री नरेंद्र मोदी होलसेल फिश मार्केट’ का साइनबोर्ड लगा दिया गया है।
इस घटनाक्रम के सामने आते ही मनपा प्रशासन, स्थानीय अधिकारियों और व्यापारी वर्ग के बीच भारी नाराजगी और असमंजस का माहौल बन गया है। विवाद बढ़ते ही एक प्रमुख व्यापारी नेता ने तीखा विरोध जताते हुए कहा कि देश के प्रधानमंत्री पूर्णतः शाकाहारी हैं, इसलिए एक मछली बाजार के साथ उनका नाम जोड़ना उनका अपमान करने जैसा है।
नियमानुसार, मनपा के स्वामित्व वाली किसी भी सरकारी संपत्ति या बाजार का नामकरण करने के लिए नगर निगम की आधिकारिक मंजूरी अनिवार्य होती है। इस मामले में बिना अनुमति बोर्ड लगाए जाने पर सेंट्रल जोन कार्यालय में शिकायत भी दर्ज कराई गई है। हालांकि, जोनल अधिकारियों का कहना है कि फिश एसोसिएशन ने अपनी ओर से बोर्ड को जल्द हटाने का आश्वासन दिया है।
दूसरी ओर, एसोसिएशन के अध्यक्ष कल्पेश नवसारीवाला ने संगठन के फैसले का बचाव किया है। उनका कहना है कि इस मार्केट का निर्माण केंद्र सरकार की ‘प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना’ के तहत मिली 3 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता (ग्रांट) से हुआ है। पीएम मोदी ने देश में अलग से मत्स्य पालन मंत्रालय का गठन कर मछुआरा समाज को बड़ा प्रोत्साहन दिया है। इसी भावना के तहत लगभग 80 व्यापारियों की सहमति से कार्यकारिणी में यह प्रस्ताव पारित कर मनपा को भेजा गया था। फिलहाल एसोसिएशन का कहना है कि मनपा प्रशासन इस विषय पर जो भी अंतिम निर्णय लेगा, वह उन्हें पूरी तरह से मान्य होगा।
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