रविंद्र कुमार भारद्वाज, रायबरेली. उत्तर प्रदेश की सियासी रणभूमि में भूचाल आ गया है. स्वामी प्रसाद मौर्य के बेटे अशोक मौर्य उर्फ उत्कर्ष ने ऊंचाहार के नवनिर्वाचित कैबिनेट मंत्री मनोज पांडेय पर साधा. उत्कर्ष ने उन्हें ‘राम और सनातन’ के नाम पर जनता के साथ ‘गद्दारी’ करने वाला करार दिया है. उत्कर्ष के इस विस्फोटक बयान ने ऊंचाहार से लेकर पूरे जिले की राजनीति में आग लगा दी है. उत्कर्ष ने अपने तीखे तेवरों में कहा, जो नेता कभी अपनी पुरानी पार्टी को ‘मां’ कहते नहीं थकते थे, उन्होंने सत्ता की अंधी लालसा में उसी ‘मां’ के विश्वास को राज्यसभा चुनाव में बेच डाला.

उत्कर्ष ने चुनौती देते हुए कहा कि अगर उस नेता की ‘अंतरात्मा’ सच में जागी होती, तो पहले विधायक पद से इस्तीफा देते, जनता के बीच जाकर उनका जनादेश मांगते, और फिर किसी नई पार्टी का दामन थामते. यह तो सिर्फ और सिर्फ ‘सत्ता की सौदेबाजी’ है. उन्होंने आरोप लगाया कि ‘सत्ता और कुर्सी बचाने’ के लिए जनता की पवित्र भावनाओं का क्रूरता से इस्तेमाल किया गया. उत्कर्ष ने दहाड़ते हुए कहा कि राम और सनातन के नाम पर ढोंग करने वालों का असली, घिनौना चेहरा अब जनता के सामने बेनकाब हो चुका है. उन्होंने दावा किया कि ऊंचाहार की जनता अब पूरी तरह समझ चुकी है कि यह पूरा खेल केवल सत्ता हथियाने, मंत्री पद पाने और राजनीतिक संरक्षण के लिए खेला गया था.

इसे भी पढ़ें : ‘सपा मुखिया को क्षमा याचना और पश्चाताप कर लेना चाहिए’… ब्राह्मण समाज पर अभद्र टिप्पणी को लेकर मायावती ने साधा निशाना

अशोक मौर्य उर्फ उत्कर्ष ने एक आरोप लगाते हुए कहा कि जैसे ही आय से अधिक संपत्ति की जांच का खतरा मंडराया, संबंधित नेता तुरंत सत्ता की शरण में जा पहुंचे. उन्होंने तीखे शब्दों में कहा कि करोड़ों की बेनामी संपत्ति, लग्जरी गाड़ियों का काफिला, आलीशान फ्लैट और मंत्री पद बचाने के लिए ऊंचाहार की भोली-भाली जनता के ‘भरोसे का सौदा’ कर दिया गया.
उत्कर्ष ने अंत में चेतावनी दी कि ऊंचाहार की जनता को धर्म और सनातन के नाम पर गुमराह किया गया, लेकिन अब वे सच्चाई को पहचान चुके हैं. उन्होंने कहा कि आने वाले समय में जनता ऐसे ‘गद्दार’ नेताओं को करारा जवाब देगी, जो ‘विचारधारा’ नहीं, बल्कि केवल ‘सत्ता की भूख’ के लिए दल बदलते हैं.