Vladimir Putin On India-Russia Relations: भारत-अमेरिका ट्रेड डील (India-US trade deal) को लेकर दोनों देशों के अंतिम चरण की बातचीत के बीच रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत-रूस संबंध और अमेरिका को लेकर बड़ा बयान दिया है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत और पीएम नरेंद्र मोदी की खुलकर तारीफ की है। साथ ही भारत की विदेश नीति का समर्थन करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) को चेतावनी भी दी है।
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि भारत महान देश है और हमारा भरोसेमंद सहयोगी है। हमारे द्विपक्षीय संबंधों को कोई बाहरी दबाव प्रभावित नहीं कर सकता। भारत दुनिया की लीडिंग इकॉनमी में से एक है, जिसकी इकॉनमिक ग्रोथ रेट सबसे ज़्यादा है। यह प्रधानमंत्री मोदी की लीडरशिप में सरकार की कड़ी मेहनत का नतीजा है। उन्होंने अमेरिका की ओर से भारत पर रूस के साथ संबंधों को लेकर दबाव बनाने की कोशिशों को अमेरिका के लिए ही नुकसानदेह बताया।
सेंट पीटर्सबर्ग में गुरुवार को दुनिया की बड़ी समाचार एजेंसियों के प्रमुखों के साथ बैठक में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि अमेरिका और दूसरे देशों के साथ भारत के बढ़ते सहयोग रूस के लिए खतरा नहीं है। पुतिन ने कहा कि अमेरिका कुछ मामलों में भारत पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है। उदाहरण के लिए कुछ क्षेत्रों में रूस के साथ सहयोग को लेकर। हर कोई ये समझ चुका है कि नरेंद्र मोदी पर दबाव बनाना आसान नहीं है, जहां दुनिया की सबसे बड़ी आबादी रहती है। यह किसी देश के लिए अंतरराष्ट्रीय संबंधों और द्विपक्षीय संबंधों पर खुद के लिए नुकसानदेह है।
भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र
पुतिन ने कहा कि भारत एक महान राष्ट्र और लोकतंत्र है। वह अपने राष्ट्रीय हितों का पालन करता है। यह डेढ़ अरब लोगों वाला एक महान देश है, जिसकी अर्थव्यवस्था विशाल है। यह दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। अपनी विशाल जनसंख्या के अनुसार ही भारत अपने हितों को देखते उन देशों के साथ अपनी अर्थव्यवस्था का विकास करे, जिन्हें वह आवश्यक समझता है। हमने पहले ही दीर्घकालिक योजनाओं की रूपरेखा तैयार कर ली है जो भारत और रूस दोनों के लिए फायदेमंद हैं।
आने वाले दिनों में 100 अरब अमेरिकी डॉलर का व्यापार होगा
रूसी राष्ट्रपति ने आगे कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि आने वाले वर्षों में रूस और भारत के बीच द्विपक्षीय व्यापार 100 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच जाएगा। अभी यह लगभग 58 या 60 अरब अमेरिकी डॉलर है, लेकिन हमारे पास और अधिक सक्रिय रूप से काम करने और महत्वाकांक्षी लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए सभी आधार मौजूद हैं।
रूसी तेल की खरीद को लेकर भारत पर फिर प्रतिबंध लगाने वाला है अमेरिका
बता दें कि रूसी तेल की खरीद को लेकर भारत समेत कई देशों पर अमेरिका फिर प्रतिबंध लगाने वाला है। अमेरिका ने 2 जून को कहा कि वह रूसी तेल खरीदने वाले देशों को दी गई प्रतिबंधों में छूट को समाप्त करना चाहता है। सीनेट की विदेश नीति समिति के समक्ष विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि रूसी छूट के संबंध में अंतिम निर्णय वित्त विभाग द्वारा लिया जाएगा। अमेरिका ने मार्च में रूसी तेल की खरीद पर लगे प्रतिबंधों से छूट दी थी और इसे दो बार बढ़ाया है। आखिरी बार यह छूट 17 मई को एक महीने के लिए दी गई थी। भारत उन देशों में से एक है जिन्हें रूसी तेल की खरीद पर अमेरिकी प्रतिबंधों से मिली छूट से लाभ हुआ है।
सितंबर में पुतिन का भारत दौरा करेंगे
बता दें कि रूस के राष्ट्रपति पुतिन का बयान भारत दौरे से पहले आया है। वे पुतिन 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में होने वाली BRICS समिट में हिस्सा लेंगे। भारत इस साल BRICS की अध्यक्षता कर रहा है। एक साल के भीतर पुतिन का यह दूसरा भारत दौरा होगा। पीएम मोदी भी इसी साल रूस दौरे पर जाएंगे। रूसी राष्ट्रपति 23वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए 4 दिसंबर 2025 में भारत आए थे।
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