लखनऊ. बसपा सुप्रीमो मायावती ने ब्राह्मणों पर हो रही टिप्पणी को लेकर प्रतिक्रिया व्यक्त की है. उन्होंने कहा है कि ब्राह्मणों पर अभद्र टिप्पणी हो रही है. सपा प्रवक्ता ने समाज पर अभद्र टिप्पणी की है. इस मुद्दे पर तीव्र निंदा स्वाभाविक है. सपा नेतृत्व इस मामले में खामोश बैठा है. सपा मुखिया को ब्राह्मणों से क्षमा याचना करना चाहिए. उन्होंने कहा कि बसपा में ही सर्वसमाज का हित सुरक्षित है.

मायावती ने एक्स पर लिखा है ‘समाजवादी पार्टी के एक प्रमुख राष्ट्रीय प्रवक्ता द्वारा अभी हाल ही में ब्राह्मण समाज को लेकर की गई अभद्र, अशोभनीय और आपत्तिजनक टिप्पणी व बयानबाजी आदि को लेकर हर तरफ उपजा भारी आक्रोश व उसकी तीव्र निन्दा स्वाभाविक ही है तथा इस विवाद के फलस्वरूप पुलिस द्वारा मुकदमा दर्ज किए जाने के बाद भी यह मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है. किन्तु संकीर्ण जातिवादी राजनीति करने वाली सपा के नेतृत्व की इस मामले को लेकर खामोशी से भी मामला और अधिक गंभीर होकर काफी तूल पकड़ता जा रहा है. स्थिति भी तनावपूर्ण होती जा रही है. वैसे भी सपा प्रवक्ता के गैर-जिम्मेदाराना बयान से ब्राह्मण समाज के आदर-सम्मान व स्वाभिमान को जो ठेस पहुंची है तो उसको गंभीरता से लेते हुए सपा मुखिया को इसका तत्काल संज्ञान लेकर ब्राह्मण समाज से क्षमा याचना व पश्चाताप कर लेना चाहिए तो यह संभवतः उचित होगा.’

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मायावती ने आगे लिखा कि ‘इसके अलावा, इस ताजा प्रकरण से लोगों की नजर में यह भी साबित है कि सपा का खासकर दलितों, अति-पिछड़ों व मुस्लिम समाज आदि की तरह ब्राह्मण समाज-विरोधी भी इनका जातिवादी चाल व चरित्र बदला नहीं है बल्कि और ज्यादा गहरा ही हुआ है तथा इसके साथ ही, ब्राह्मण समाज के प्रति वर्तमान सरकार के रवैयों को लेकर भी जो जबरदस्त नाराजगी इस समाज में देखने को मिल रही है वह भी किसी से छिपा हुआ नहीं है, जबकि यह सर्वविदित है कि बीएसपी द्वारा सर्वसमाज की तरह ब्राह्मण समाज को भी पार्टी व सरकार में भी भरपूर आदर-सम्मान देने के साथ-साथ हर स्तर पर उन्हें उचित भागीदारी भी दी गई है. अर्थात् बीएसपी में यूज एण्ड थ्रो नहीं है बल्कि सर्वसमाज का हित हमेशा सुरक्षित रहा है.’