मध्यप्रदेश मनोरंजन का मंच बना सदन! फेकू पप्पू, कसाब, जन्नत की हूर और शेरो-शायरी में उलझे पार्षद, क्या इसी दिन के लिए चुने गए थे जनप्रतिनिधि ?