राजेश, अंबाला. जिले में शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा कदम उठाया गया है। अब सरकारी स्कूलों के बच्चे भी रोबोट बनाना, ड्रोन उड़ाना और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी आधुनिक तकनीक सीख सकेंगे। मंगलवार को शहजादपुर खंड के पीएम श्री गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल पतरेहड़ी और गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल कड़ासन में अटल टिंकरिंग, रोबोटिक्स और एस्ट्रोनॉमी लैब का उद्घाटन किया गया।

कार्यक्रम में जिला शिक्षा अधिकारी Sudhir Kalra ने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में तकनीकी शिक्षा की अहम भूमिका होगी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 में अंबाला के पांच स्कूलों में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर स्टेम लैब शुरू की गई थीं। अच्छे परिणाम मिलने के बाद अब जिले के 22 सरकारी स्कूलों में टिंकरिंग लैब स्थापित की जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि आज के दौर में बच्चों को केवल किताबों तक सीमित नहीं रखा जा सकता। नई तकनीक को समझना और उसका इस्तेमाल सीखना समय की जरूरत है। इन लैब के जरिए विद्यार्थी रोबोटिक्स, ड्रोन टेक्नोलॉजी और AI जैसे क्षेत्रों में व्यावहारिक जानकारी हासिल करेंगे।

डीईओ ने “लखपति दीदी रोबोटिक योजना” का जिक्र करते हुए कहा कि देश की ग्रामीण महिलाएं भी ड्रोन तकनीक के जरिए आत्मनिर्भर बन रही हैं। ऐसे में स्कूलों के विद्यार्थी भी तकनीकी क्षेत्र में आगे बढ़ सकते हैं।

कार्यक्रम के दौरान दोनों स्कूलों में स्टेम प्रदर्शनी भी लगाई गई। इसमें बच्चों ने अपने मॉडल और विज्ञान आधारित प्रोजेक्ट प्रस्तुत किए। अधिकारियों ने विद्यार्थियों की रचनात्मक सोच और तकनीकी समझ की सराहना की।

इसके साथ ही प्रधानाचार्यों और शिक्षकों के लिए चार दिवसीय प्रशिक्षण शिविर भी शुरू किया गया है। यह प्रशिक्षण 12 मई से 15 मई तक चलेगा। इसका उद्देश्य स्कूलों में स्थापित लैब का बेहतर संचालन और विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच विकसित करना है।

इस मौके पर जिला परियोजना समन्वयक सीमा रानी, डीएसएस पूजा भारद्वाज, खंड शिक्षा अधिकारी सुरेंद्र सिंह समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।

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