शिवस्य हृदयं विष्णुं विष्णोश्च हृदयं शिवः… बाबा विश्वनाथ की भेजी भस्म से होली खेलेंगे कन्हैया, कान्हा भी भगवान शिव को भेजेंगे अबीर-गुलाल और गुजिया

‘दुल्हा के देहीं से भस्मी छोड़ावा सखी हरदी लगावा…’ मंगल गीतों के बीच बाबा विश्वनाथ को लगी मेवाड़ की हल्दी, बनारसी ठंडई, पान और पंचमेवा का लगा भोग