Business Desk :- Tata Motors Commercial Vehicles (CV) के शेयर सोमवार को निवेशकों के फोकस में रह सकते हैं। कंपनी ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही यानी Q2 के नतीजे जारी किए हैं। सितंबर तिमाही में कंपनी घाटे से निकलकर मुनाफे में लौट आई।
इस दौरान रेवेन्यू में सालाना आधार पर 36.5% की बढ़ोतरी हुई। घरेलू बिक्री और एक्सपोर्ट में भी अच्छी ग्रोथ दर्ज की गई। इसके साथ ही विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने कंपनी में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है।
Q2 में 1,254 करोड़ रुपए का मुनाफा
Tata Motors CV ने सितंबर तिमाही में 1,254 करोड़ रुपए का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) दर्ज किया। एक साल पहले की समान तिमाही में कंपनी को 561 करोड़ रुपए का घाटा हुआ था। यानी कंपनी ने सालाना आधार पर घाटे से मुनाफे में वापसी की है।
कंपनी का रेवेन्यू भी 36.5% बढ़कर 25,232 करोड़ रुपए हो गया, जो पिछले साल की समान अवधि में 18,491 करोड़ रुपए था। वहीं, ऑपरेटिंग परफॉर्मेंस की बात करें तो EBITDA 31.1% बढ़कर 2,723 करोड़ रुपए पहुंच गया। एक साल पहले यह 2,077 करोड़ रुपए था।
हालांकि, कंपनी के EBITDA मार्जिन में गिरावट आई। पिछले साल की सितंबर तिमाही में यह 12.3% था, जो इस बार घटकर 11.4% रह गया। इसका मतलब है कि EBITDA बढ़ने के बावजूद रेवेन्यू के मुकाबले ऑपरेटिंग प्रॉफिट का अनुपात कम हुआ।
घरेलू बिक्री 30% बढ़ी, एक्सपोर्ट में 177% की तेजी
कंपनी के घरेलू कमर्शियल व्हीकल कारोबार में भी मजबूती देखने को मिली। सितंबर तिमाही में घरेलू वाहन बिक्री पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 30% बढ़ी। वहीं, एक्सपोर्ट में 177% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही के व्हीकल रजिस्ट्रेशन आंकड़ों के अनुसार, भारतीय कमर्शियल व्हीकल बाजार में कंपनी की कुल हिस्सेदारी 36.2% रही। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, यह वित्त वर्ष 2025-26 की बाजार हिस्सेदारी से अधिक है। हालांकि, बाजार हिस्सेदारी में बढ़ोतरी का सटीक अंतर प्रकाशित करने से पहले बेसिस पॉइंट के आंकड़े की पुष्टि करना जरूरी है।

इलेक्ट्रिक कमर्शियल व्हीकल के लिए साझेदारी
Tata Motors CV ने इलेक्ट्रिक कमर्शियल व्हीकल को ग्राहकों तक पहुंचाना आसान बनाने के लिए Driven के साथ समझौता किया है। इसके तहत इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए लीजिंग और फंडिंग विकल्प उपलब्ध कराने की योजना है। इससे ग्राहकों को वाहन खरीदने के बजाय लीज पर लेने या फाइनेंसिंग के जरिए इस्तेमाल करने का विकल्प मिल सकता है।
कंपनी ने PETRONAS के साथ इस्तेमाल किए गए तेल को रिसाइकिल करने से जुड़े एक मॉडल की टेस्टिंग भी की है। इसका उद्देश्य इस्तेमाल किए गए तेल को दोबारा उपयोग में लाने की प्रक्रिया विकसित करना है, जिसे बड़े स्तर पर लागू किया जा सके।
इसके अलावा, कंपनी ने Welspun Renewable Energy Private Limited के साथ साझेदारी में 86 मेगावाट की विंड-सोलर हाइब्रिड परियोजना तैयार की है। इस परियोजना में बिजली उत्पादन के लिए पवन और सौर ऊर्जा दोनों का इस्तेमाल किया जाएगा।
FII ने बढ़ाई हिस्सेदारी
सितंबर 2026 तिमाही में विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FII की हिस्सेदारी में भी बढ़ोतरी हुई। Trendlyne के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, विदेशी निवेशकों ने कंपनी के 1.66 करोड़ शेयर खरीदे। इसके बाद कंपनी में उनकी हिस्सेदारी बढ़कर 19.02% हो गई, जबकि जून 2026 तिमाही में यह 18.58% थी।
FII की हिस्सेदारी में बढ़ोतरी से कंपनी में विदेशी निवेशकों की दिलचस्पी का संकेत मिलता है। हालांकि, केवल FII की खरीदारी के आधार पर शेयर की आगे की चाल का अनुमान नहीं लगाया जा सकता। निवेशकों को कंपनी के वित्तीय नतीजों, मार्जिन, बिक्री की ग्रोथ और मौजूदा वैल्यूएशन पर भी ध्यान देना चाहिए।
निवेशकों की नजर किन बातों पर रहेगी?
Tata Motors CV के Q2 नतीजों में मुनाफे में वापसी, रेवेन्यू ग्रोथ और एक्सपोर्ट में तेजी प्रमुख बातें हैं। दूसरी ओर, EBITDA मार्जिन में गिरावट भी ध्यान देने योग्य है। आगे निवेशक घरेलू कमर्शियल व्हीकल मांग, निर्यात की गति, इलेक्ट्रिक वाहनों के कारोबार और ऑपरेटिंग मार्जिन में सुधार पर नजर रख सकते हैं।
डिस्क्लेमर: यह लेख उपलब्ध कारोबारी आंकड़ों पर आधारित है, निवेश की सलाह नहीं। शेयर में निवेश करने से पहले कंपनी के आधिकारिक नतीजों और ताजा बाजार आंकड़ों की पुष्टि करें।

