पुरुषोत्तम पात्र, गरियाबंद. क्लासरूम में गणित के सवाल का जवाब नहीं दे पाने पर शिक्षक ने छात्रा को ऐसी सजा दी कि अब वह बुरी तरह डरी-सहमी है. छात्रा इतनी भयभीत है कि ठीक से खाना-पीना भी नहीं कर पा रही है. यहां तक कि उसे रात में सोने में भी परेशानी हो रही है. इस घटना ने शिक्षा व्यवस्था और स्कूलों में बच्चों के साथ होने वाले व्यवहार पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. पूरा मामला फिंगेश्वर विकासखंड के ग्राम भेंडरी स्थित प्राथमिक शाला का है.

दरअसल, बुधवार, 7 अक्टूबर को प्राथमिक शाला भेंडरी में कक्षा तीसरी की पढ़ाई के दौरान शिक्षक भागचंद चतुर्वेदी ने विद्यार्थियों से गणित के सवाल का जवाब पूछा. इस दौरान आठ वर्षीय छात्रा साधना जवाब नहीं दे पाई. आरोप है कि इससे नाराज होकर शिक्षक ने बच्ची के गाल पर थप्पड़ मार दिए. स्कूल से घर लौटने पर परिजनों ने बच्ची के चेहरे पर लाल निशान देखे. पूछताछ करने पर छात्रा ने उन्हें पूरी घटना बताई. बच्ची के अनुसार, शिक्षक ने उसके गाल के नीचे कान के पास कई थप्पड़ मारे थे.

घटना के बाद से डरी-सहमी है छात्रा

परिजनों का कहना है कि घटना के बाद से बच्ची बुरी तरह भयभीत है. वह ठीक से खाना-पीना नहीं कर रही है और रात में सोने में भी परेशानी हो रही है. इस घटना के सामने आने के बाद पालकों और ग्रामीणों में नाराजगी है. मामले ने स्कूलों में बच्चों के साथ होने वाले व्यवहार और शिक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं.

तीन सदस्यीय जांच दल गठित

मामले में शिक्षक भागचंद चतुर्वेदी ने गुस्से में बच्ची को थप्पड़ मारने की बात स्वीकार करते हुए अपनी गलती मानी है. साथ ही, भविष्य में ऐसी घटना नहीं दोहराने का आश्वासन दिया है. वहीं, मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला शिक्षा अधिकारी राजेश चंद्राकर ने तीन सदस्यीय जांच दल गठित किया है. जांच दल को तीन दिनों के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं.

बच्ची के पिता ने की कार्रवाई की मांग

पीड़ित छात्रा के पिता वेदव्यास ने बताया कि घटना के बाद से उनकी बेटी काफी भयभीत है. वह ठीक से खाना-पीना नहीं कर रही और डर के कारण सो भी नहीं पा रही है. पिता ने संबंधित शिक्षक के विरुद्ध कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि विद्यालय में बच्चों के साथ ऐसा व्यवहार नहीं होना चाहिए.   

शिक्षक ने मानी गलती

मामले को लेकर शिक्षक भागचंद चतुर्वेदी ने स्वीकारते हुए कहा कि उन्होंने छात्रा से गणित का एक सवाल पूछा था, जिसका जवाब वह नहीं दे पा रही थी. बार-बार  समझाने के बाद भी जब बच्ची जवाब नहीं दे पाई तो उन्होंने गुस्से में उसे एक-दो थप्पड़ मार दिए. शिक्षक ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए कहा कि उनसे गलती हुई है. इसके लिए वह माफी मांगते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में मेरे द्वारा ऐसा दोबारा कभी नहीं होगा.

पहले भी छात्रों के साथ मारपीट का आरोप

ग्रामीण श्यामगिरि गोस्वामी ने आरोप लगाया कि संबंधित शिक्षक पूर्व में भी स्कूली बच्चों की पिटाई कर चुके हैं. उन्होंने कहा कि यह पहली घटना नहीं है और मामले में कार्रवाई होनी चाहिए. वहीं पूर्व सरपंच थानेश साहू ने भी छात्रा के साथ मारपीट किए जाने की निंदा करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है.  

शिक्षक को मिल चुका है राज्यपाल सम्मान

राज्यपाल सम्मान से पुरस्कृत शिक्षक द्वारा छात्रा को थप्पड़ मारने की बात स्वीकार किए जाने के बाद विद्यालयों में बच्चों के प्रति शिक्षकों के व्यवहार और उनकी सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं. गणित का सवाल समझ नहीं पाने पर बच्ची को समझाने के बजाय थप्पड़ मारना गंभीर चिंता का विषय है. अब ग्रामीणों और परिजनों की मांग है कि शिक्षा विभाग मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच करे और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए.  

डीईओ ने जांच के बाद कार्रवाई की कही बात

राजेश चंद्राकर डीईओ गरियाबंद ने कहा कि इस मामले को लेकर विभाग पूरी तरह गंभीर है. 3 सदस्यीय जांच दल का गठन कर दिया गया है. जिसकी रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.

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