शब्बीर अहमद, भोपाल। शिक्षक पात्रता परीक्षा टीईटी (TET) की अनिवार्यता समेत तीन प्रमुख मांगों को लेकर अध्यापकों का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा है। अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा के बैनर तले भोपाल के नीलम पार्क में चल रहा अनिश्चितकालीन धरना आज 7वें दिन में प्रवेश कर गया है।
इस आंदोलन की खास बात यह है कि इसमें प्रदेश के अलग-अलग संभागों से शिक्षक चरणबद्ध तरीके से शामिल हो रहे हैं। अब तक जबलपुर, ग्वालियर-चंबल, रीवा-शहडोल और उज्जैन संभाग के शिक्षक धरने में पहुंचकर अपनी हुंकार भर चुके हैं।
शिक्षकों की 3 प्रमुख मांगें
टीईटी (TET) से मुक्ति: लंबे समय से अपनी सेवाएं दे रहे शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से पूरी तरह मुक्त किया जाए। इसके लिए राज्य सरकार विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर प्रस्ताव पारित करे और उसे केंद्र सरकार को भेजे।
प्रथम नियुक्ति से सेवा गणना: शिक्षकों की प्रथम नियुक्ति की तिथि से ही उनकी सेवा अवधि की गणना की जाए और उसी आधार पर वरिष्ठता तय की जाए।
ई-अटेंडेंस व्यवस्था हो स्वैच्छिक: शिक्षकों के विभिन्न विभागीय और शासकीय दायित्वों को ध्यान में रखते हुए ई-अटेंडेंस (E-Attendance) की व्यवस्था को अनिवार्य न बनाकर स्वैच्छिक किया जाए।
शिक्षकों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर सरकार कोई सकारात्मक ठोस कदम नहीं उठाती, तब तक उनका यह बेमियाद प्रदर्शन लगातार जारी रहेगा।
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