कुंदन कुमार, पटना। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने राज्य की वर्तमान कानून-व्यवस्था को लेकर मौजूदा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सरकार की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा है कि इनसे अब बिहार बिल्कुल नहीं संभल रहा है। उन्होंने दो टूक शब्दों में मांग की है कि इस नाकामी के बाद सरकार को एक पल भी सत्ता में रहने का कोई हक नहीं है और उन्हें तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए।

​बेटियों की सुरक्षा के दावों की खुली पोल

​तेजस्वी यादव ने सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि सत्ता में आने से पहले बड़े-बड़े दावे किए गए थे कि उनके राज में बेटियां पूरी तरह सुरक्षित रहेंगी। आज बिहार की जनता खुद देख रही है कि ज़मीनी स्तर पर क्या हालात हैं। राज्य में लगातार सामने आ रही वारदातों ने साबित कर दिया है कि आम जनता और विशेषकर बेटियां आज भारी डर के साये में जीने को मजबूर हैं।

​बयानों पर पलटवार

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के हालिया बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए तेजस्वी ने कहा कि अजीब तर्क दिए जा रहे हैं। सरकार की तरफ से यह कहा जा रहा है कि ऐसी घटनाएं ‘रील’ बनाने के कारण सामने आती हैं और जनता को सलाह दी जाती है कि वे रील न बनाएं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की अजीबोगरीब दलीलें देकर सरकार आपराधिक घटनाओं और अपनी नाकामी को छुपाने का असफल प्रयास कर रही है।

​अपराधियों में खत्म हो चुका है कानून का खौफ

​नेता प्रतिपक्ष ने कड़े शब्दों में कहा कि सूबे में अब सरकार का इकबाल पूरी तरह से खत्म हो चुका है। पुलिस और कानून का डर अपराधियों के दिलों से बिल्कुल मिट चुका है। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज बिहार में कानून नाम की कोई चीज धरातल पर नहीं बची है।

​इसे राक्षस राज नहीं तो और क्या कहें?

​तेजस्वी यादव ने अंत में कहा कि जिस राज्य की आम जनता डर के साये में जीने को विवश हो और जहां की बेटियां पूरी तरह असुरक्षित महसूस कर रही हों, उसे राक्षस राज के अलावा और क्या नाम दिया जा सकता है। ऐसी विफल व्यवस्था के मुखिया को गद्दी पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं बचा है।