पटना। बिहार की राजनीति में इन दिनों सरगर्मी तेज हो गई है। चुनाव आयोग और SIR के कथित मुद्दों को लेकर महागठबंधन ने आक्रामक रुख अपनाते हुए सड़कों पर हुंकार भरी है। इस आंदोलन की कमान खुद आरजेडी नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव संभाल रहे हैं। पटना सचिवालय के पास प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए प्रशासन द्वारा कड़ी बैरिकेडिंग की गई थी, लेकिन विरोध प्रदर्शन का यह दौर जल्द ही उग्र रूप ले लिया।
बैरिकेडिंग पर चढ़े तेजस्वी
सचिवालय के समीप रोके जाने पर आक्रोशित भीड़ ने प्रशासनिक सुरक्षा को चुनौती दी। तेजस्वी यादव खुद बैरिकेडिंग पर चढ़ गए, जिसके कुछ ही पलों बाद उत्साही कार्यकर्ताओं ने बैरिकेडिंग को पूरी तरह तोड़ डाला और आगे बढ़ गए। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच जमकर धक्का-मुक्की भी हुई।
प्रदर्शन के दौरान आरजेडी नेताओं का अनूठा और आक्रामक अंदाज भी देखने को मिला। सचिवालय के पास आरजेडी एमएलसी उर्मिला ठाकुर हाथ में डफली बजाकर सरकार और आयोग के खिलाफ नारेबाजी करती नजर आईं। वहीं, पार्टी के मुख्य प्रवक्ता भाई वीरेंद्र ने तो मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ बेहद कड़े शब्दों का इस्तेमाल करते हुए उन्हें फांसी दिए जाने की मांग तक कर डाली।


एसआईआर और वोट चोरी के गंभीर आरोप
महागठबंधन का आरोप है कि SIR की पूरी प्रक्रिया की शुरुआत सबसे पहले बिहार से ही की गई थी। विपक्ष का लगातार यह दावा रहा है कि चुनाव आयोग निष्पक्ष रूप से काम नहीं कर रहा है। तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि विपक्ष लंबे समय से ‘वोट चोरी’ का जो मुद्दा उठाता रहा है, अब उससे जुड़े गंभीर सवाल सतह पर आ रहे हैं।
इन तमाम विवादों के बीच तेजस्वी यादव ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने सीधे तौर पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के दबाव में आकर काम किया है। हालांकि, ये तमाम गंभीर आरोप विपक्ष की ओर से लगाए गए हैं, जबकि चुनाव आयोग और भाजपा ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है।
जिला मुख्यालयों तक फैला आंदोलन
पटना में लोकभवन मार्च के साथ-साथ इस विरोध प्रदर्शन का दायरा पूरे राज्य में फैला दिया गया है। आज बिहार के सभी जिला मुख्यालयों पर महागठबंधन के तमाम बड़े नेता और कार्यकर्ता धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। यानी आज यह पूरा राजनीतिक आंदोलन दो अलग-अलग स्तरों पर चलाया जा रहा है पहला पटना में तेजस्वी यादव के नेतृत्व में निकाला गया लोकभवन मार्च और दूसरा विभिन्न जिलों में हो रहा जोरदार धरना-प्रदर्शन।

