पटना। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के कार्यकारी अध्यक्ष और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने देश के विभिन्न हिस्सों में कथित अतिक्रमण के नाम पर मस्जिदों, मदरसों और मजारों पर हो रही बुलडोजर कार्रवाई को लेकर भाजपा शासित सरकारों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने स्पष्ट किया कि धार्मिक विवादों का समाधान बुलडोजर से नहीं, बल्कि संविधान और कानूनी प्रक्रियाओं के तहत होना चाहिए।

​विभिन्न राज्यों में कार्रवाई पर चिंता

​तेजस्वी यादव ने उत्तर प्रदेश के सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में मस्जिद गिराए जाने की घटना का जिक्र करते हुए गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने संभल, गाजियाबाद, मुजफ्फरनगर, मध्य प्रदेश के उज्जैन, उत्तराखंड, गुजरात, असम, दिल्ली, महाराष्ट्र, राजस्थान और तेलंगाना में धार्मिक स्थलों पर चल रही ध्वस्तीकरण की कार्रवाइयों का हवाला देते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं समाज में असुरक्षा का भाव पैदा करती हैं।

​कानून की नजर में सब समान

​नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मंदिर, मस्जिद, चर्च, गुरुद्वारा, मजार या मदरसा कानून हर धर्म और स्थल के लिए एक समान होना चाहिए। सरकारी जमीन या अवैध निर्माण के दावों के नाम पर राज्य प्रशासन को संविधान से ऊपर नहीं माना जा सकता। किसी भी कार्रवाई से पहले संबंधित पक्षों को कानूनी नोटिस और सुनवाई का पूरा अवसर मिलना चाहिए।

​संवैधानिक अधिकारों की रक्षा

​उन्होंने भारतीय संविधान के अनुच्छेदों का हवाला देते हुए कहा कि अनुच्छेद 14 समानता का अधिकार, अनुच्छेद 21 व्यक्तिगत स्वतंत्रता और अनुच्छेद 25 धार्मिक स्वतंत्रता की गारंटी देता है। इसलिए किसी भी सरकारी कार्रवाई का आधार धार्मिक पहचान नहीं, बल्कि निष्पक्ष कानूनी प्रक्रिया होनी चाहिए।

​न्यायपालिका से हस्तक्षेप की अपील

​तेजस्वी यादव ने अंत में न्यायपालिका और मानवाधिकार संगठनों से अपील की कि वे ऐसे मामलों का संज्ञान लें। उन्होंने दोहराया कि राजद हमेशा सामाजिक न्याय, लोकतांत्रिक मूल्यों और सभी धर्मों के सम्मान के लिए आवाज उठाता रहेगा।