Lalluram Desk. भारत में टेस्ला का मालिक बनना अब कई लोगों की उम्मीद से कहीं ज़्यादा आसान हो सकता है. टेस्ला ने ‘ईज़ ऑफ़ ओनरशिप’ (आसानी से मालिक बनने का) प्रोग्राम शुरू किया है, जिससे ग्राहक सिर्फ़ ₹6 लाख के डाउन पेमेंट और लगभग ₹39,990 की शुरुआती मंथली पेमेंट पर टेस्ला मॉडल Y घर ले जा सकते हैं. यह ऑफ़र भारत में टेस्ला के विस्तार की कोशिशों का हिस्सा है, साथ ही हैदराबाद में इसके नए एक्सपीरियंस सेंटर को भी खोला गया है.
इस पहल के बारे में बात करते हुए, टेस्ला इंडिया के हेड शरद अग्रवाल ने कहा कि कंपनी भारतीय ग्राहकों के लिए इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को आर्थिक रूप से आकर्षक बनाने पर ध्यान दे रही है. उन्होंने ने कहा, “सबसे दिलचस्प बात है ‘ईज़ ऑफ़ ओनरशिप’ प्रोग्राम में आप सिर्फ ₹6 लाख का डाउन पेमेंट और लगभग ₹39,990 की मंथली पेमेंट करके यह कार घर ले जा सकते हैं.”
कंपनी का मानना है कि पारंपरिक पेट्रोल गाड़ियों की तुलना में इसकी ओनरशिप की असल लागत काफ़ी कम हो जाती है.
इस स्कीम का गणित
अग्रवाल के अनुसार, एक आम कार मालिक हर महीने ईंधन और रखरखाव (मेंटेनेंस) पर ₹15,000 से ₹20,000 के बीच खर्च करता है. उन्होंने कहा, “जब लोग लीज़ पर गाड़ी लेते हैं तो उनकी काफ़ी बचत भी होती है, क्योंकि अगर आप पेट्रोल कार चला रहे हैं, तो आप पेट्रोल और रखरखाव पर कम से कम ₹15,000 से ₹20,000 खर्च करते हैं. और ईंधन की कीमतें बढ़ने के साथ, ई-लीज़ पर स्विच करना ज़्यादा समझदारी भरा और बेहतर फ़ैसला है.”
टेस्ला मॉडल Y को एक प्रीमियम गाड़ी के तौर पर पेश कर रही है, जिसकी चलाने की लागत मंथली पेमेंट के एक बड़े हिस्से की भरपाई कर सकती है. अग्रवाल ने आगे कहा, “सोचिए कि आप दुनिया की सबसे ज़्यादा बिकने वाली और सबसे सुरक्षित कार चला रहे हैं और इसके लिए लगभग ₹20,000 ही दे रहे हैं, क्योंकि ₹20,000 तो पेट्रोल और रखरखाव पर होने वाला आपका खर्च ही बच रहा है. तो यह एक बहुत ही आकर्षक ऑफ़र है जो हम अपने ग्राहकों के लिए ला रहे हैं.”
किफ़ायती होने के अलावा, टेस्ला खरीदारों को आकर्षित करने के लिए अपने टेक्नोलॉजी-आधारित सर्विस इकोसिस्टम पर भी भरोसा कर रही है. कंपनी का दावा है कि उसकी गाड़ियों में बहुत कम मेंटेनेंस की ज़रूरत होती है और ये ज़्यादातर कार बनाने वाली कंपनियों के आम छह महीने या 10,000 किलोमीटर वाले सर्विस शेड्यूल को फॉलो नहीं करती हैं.
अग्रवाल ने कहा, “अपने ग्राहकों के लिए इस एंड-टू-एंड सर्विस मॉडल का मतलब है कि हमारी कारों में बहुत ही कम मेंटेनेंस की ज़रूरत होती है, क्योंकि यह इकलौती ऐसी कार है जिसके लिए कोई तय मेंटेनेंस शेड्यूल नहीं है.”
दूर से ही कस्टमर सपोर्ट!
टेस्ला की सर्विस स्ट्रैटेजी मुख्य रूप से रिमोट डायग्नोस्टिक्स और सॉफ्टवेयर-बेस्ड फिक्स पर निर्भर करती है. उन्होंने कहा, “अगर आपको अपनी कार में किसी चीज़ की ज़रूरत है, तो हम ज़्यादातर समस्याओं को दूर से ही ठीक कर सकते हैं. आपको हमारे सर्विस सेंटर जाने की ज़रूरत नहीं है.”
जिन समस्याओं को दूर से ठीक नहीं किया जा सकता, उनके लिए टेस्ला कस्टमर केयर टीमों के साथ 24×7 मोबाइल सर्विस सपोर्ट देती है. कंपनी के अनुसार, इस मॉडल से पूरे भारत के ग्राहक पास में सर्विस सेंटर खुलने का इंतज़ार किए बिना टेस्ला की गाड़ियाँ खरीद सकते हैं.
अग्रवाल ने कहा, “देश के किसी भी हिस्से में रहने वाले ग्राहक कार खरीद सकते हैं. हमारी टेस्ला कारों में से कोई भी कार खरीदने के लिए उन्हें किसी फिजिकल सर्विस स्टेशन या एक्सपीरियंस सेंटर के शुरू होने का इंतज़ार करने की ज़रूरत नहीं है.”
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