महाराष्ट्र के ठाणे में शिवसेना यूबीटी नेता प्रदीप पूर्णेकर की हत्या के मामले में वांछित संतोष कनौजिया और अमित सिंह को प्रयागराज के नैनी क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया. पुलिस के अनुसार, दोनों पर चुनावी रंजिश में हत्या करने का आरोप है और मामले में तीन अन्य आरोपी पहले ही पकड़े जा चुके हैं.

प्रयागराज. महाराष्ट्र के ठाणे में शिवसेना (यूबीटी) नेता और पूर्व विभाग प्रमुख प्रदीप पूर्णेकर की हत्या के मामले में फरार चल रहे दो आरोपियों को उत्तर प्रदेश एसटीएफ और महाराष्ट्र पुलिस की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार किया है. शुक्रवार रात करीब 7:30 बजे दोनों को प्रयागराज के नैनी स्थित अरैल सेल्फी प्वाइंट के पास पकड़ा गया. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान वाराणसी के चोलापुर क्षेत्र निवासी संतोष कनौजिया और अमित सिंह के रूप में हुई है.

महाराष्ट्र से प्रयागराज पहुंचे

एसटीएफ के मुताबिक, दोनों आरोपी ठाणे जिले के कापुरबावड़ी थाने में दर्ज हत्या के मामले में वांछित थे. महाराष्ट्र पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी के लिए उत्तर प्रदेश एसटीएफ से मदद मांगी थी, जिसके बाद प्रयागराज इकाई ने तलाश शुरू की.

एसीपी शैलेश प्रताप सिंह के पर्यवेक्षण और प्रभारी जय प्रकाश राय के नेतृत्व में टीम गठित की गई. संयुक्त टीम ने सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तारी से बचने के लिए वे महाराष्ट्र छोड़कर प्रयागराज आ गए थे.

इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक विनय तिवारी, मो. हबीब अहमद सिद्दीकी, मुख्य आरक्षी पंकज तिवारी और आरक्षी चालक अखंड प्रताप पांडेय भी शामिल थे.

चुनावी रंजिश में हत्या का आरोप

एसटीएफ की पूछताछ के अनुसार, आरोपियों ने बताया कि 29 सितंबर 2026 को ठाणे के चितलसर-मानपाड़ा क्षेत्र में प्रदीप पूर्णेकर की हत्या की गई थी. पुलिस के मुताबिक, ब्लॉक प्रमुख और कॉरपोरेटर के चुनाव को लेकर पुरानी रंजिश थी.

आरोप है कि प्रदीप पूर्णेकर को तमंचे से गोली मारने के साथ चापड़ से गर्दन पर वार किया गया, जिससे उनकी मौत हो गई. इस मामले में कापुरबावड़ी थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी.

तीन आरोपी पहले गिरफ्तार

एसटीएफ के मुताबिक, इस हत्याकांड में तीन अन्य आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है. संतोष कनौजिया और अमित सिंह घटना के बाद से फरार थे और महाराष्ट्र से निकलकर प्रयागराज आ गए थे.

उत्तर प्रदेश एसटीएफ और महाराष्ट्र पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई में दोनों को गिरफ्तार कर लिया. मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई संबंधित पुलिस द्वारा की जाएगी.