Automobile Desk : भारतीय बाजार में एसयूवी (SUV) गाड़ियों का क्रेज लगातार सातवें आसमान पर है। हर महीने सड़कों पर नई गाड़ियां दौड़ रही हैं और वाहन निर्माता कंपनियां ग्राहकों की पसंद को ध्यान में रखकर अपने पोर्टफोलियो को लगातार अपडेट कर रही हैं। अब वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही यानी अप्रैल से सितंबर 2026 तक के बिक्री के आंकड़े सामने आ चुके हैं, जो ऑटो सेक्टर की चाल और बाजार के रुझान को बयां कर रहे हैं। इन ताजा आंकड़ों ने साफ कर दिया है कि भारतीय ग्राहकों का भरोसा किन गाड़ियों पर सबसे ज्यादा टिक रहा है।

इस बार की बिक्री सूची में टाटा मोटर्स (Tata Motors) का दबदबा साफ तौर पर देखने को मिल रहा है। कंपनी की सबसे छोटी और किफायती एसयूवी मानी जाने वाली टाटा पंच (Tata Punch) ने बिक्री के मामले में तमाम बड़ी गाड़ियों को पीछे छोड़ते हुए देश की नंबर-1 एसयूवी का खिताब अपने नाम कर लिया है।
टाटा पंच का शानदार जलवा
अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच के आंकड़ों पर नजर डालें तो टाटा पंच ने कुल 1,23,287 यूनिट्स की ताबड़तोड़ बिक्री दर्ज की है। पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा 73,455 यूनिट्स का था। इस लिहाज से देखा जाए तो पंच की बिक्री में सालाना आधार पर करीब 67.84 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कम कीमत, एसयूवी जैसा मजबूत रोड प्रेजेंस और शहर के तंग रास्तों पर आसानी से चलाने की खूबी इस गाड़ी को आम खरीफदारों के बीच बेहद लोकप्रिय बना रही है।
नेक्सॉन और फ्रॉन्क्स ने भी दिखाया दम
इस रेस में टाटा की ही दूसरी लोकप्रिय गाड़ी नेक्सॉन (Tata Nexon) भी ज्यादा पीछे नहीं रही। नेक्सॉन ने इस छमाही में 1,11,919 यूनिट्स की बिक्री के साथ दूसरा स्थान हासिल किया है। पिछले साल इसी दौरान इसकी 89,574 यूनिट्स बिकी थीं, जिससे इसकी बिक्री में करीब 24.97 प्रतिशत का उछाल आया है। शीर्ष दो स्थानों पर टाटा की दो गाड़ियों का काबिज होना कंपनी के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।
वहीं, तीसरे नंबर पर मारुति सुजुकी की स्टाइलिश क्रॉसओवर-एसयूवी फ्रॉन्क्स (Maruti Suzuki Fronx) ने अपनी जगह पक्की की है। फ्रॉन्क्स ने इस दौरान 1,10,135 यूनिट्स की बिक्री दर्ज की, जो पिछले साल के मुकाबले 43.40 प्रतिशत अधिक है। यह गाड़ी उन लोगों को लुभाने में कामयाब रही है जो एसयूवी का फील और हैचबैक जैसी आसानी दोनों चाहते हैं।
महिंद्रा स्कॉर्पियो की मजबूत पकड़ और क्रेटा का हाल
चौथे पायदान पर महिंद्रा स्कॉर्पियो (Mahindra Scorpio) रेंज बनी हुई है, जिसमें स्कॉर्पियो-एन और स्कॉर्पियो क्लासिक दोनों शामिल हैं। इस दमदार एसयूवी ने कुल 93,488 यूनिट्स की बिक्री दर्ज की है, जिसमें पिछले साल की तुलना में 10.46 प्रतिशत की बढ़त आई है। इसका रग्ड लुक और भौकाल आज भी खरीदारों के सिर चढ़कर बोल रहा है।
इसके बाद, हुंडई क्रेटा (Hyundai Creta) 89,727 यूनिट्स की सेल के साथ पांचवें स्थान पर रही। हालांकि, अन्य टॉप मॉडलों के विपरीत क्रेटा की बिक्री में इस बार करीब 9.68 प्रतिशत की मामूली गिरावट देखने को मिली है, क्योंकि पिछले साल इसी अवधि में इसकी 99,345 यूनिट्स बिकी थीं।
ब्रेज़ा के पिछड़ने की क्या रही वजह?
इस पूरी सूची में सबसे बड़ा उलटफेर मारुति सुजुकी ब्रेज़ा (Maruti Suzuki Brezza) के साथ देखने को मिला है, जो इस बार फिसलकर टॉप-5 की लिस्ट से बाहर यानी छठे स्थान पर पहुंच गई है। जानकारों के मुताबिक, इस गिरावट के पीछे जून के महीने में इसके नए अपडेटेड मॉडल का आना मुख्य वजह रही है। मॉडल में बदलाव और उत्पादन के ट्रांजिशन फेज के दौरान होलसेल आंकड़ों पर थोड़ा असर पड़ा, जिसकी वजह से इस अवधि में इसकी बिक्री थोड़ी प्रभावित हुई है। कुल मिलाकर, भारतीय एसयूवी बाजार का यह परिदृश्य यह साफ कर रहा है कि आने वाले महीनों में यह मुकाबला और भी ज्यादा दिलचस्प होने वाला है।

