Automobile Desk : ऑटोमोबाइल शोरूम में नई कार की चमक किसी भी खरीदार को पल भर में लुभा सकती है। लेकिन इस उत्साह में अक्सर लोग जल्दबाजी कर बैठते हैं और डीलर के दिए पहले ही ऑफर पर मुहर लगा देते हैं। अगर आप कार खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो थोड़ी सी सतर्कता और मोलभाव करने का सही तरीका आपकी जेब पर पड़ने वाले बोझ को काफी हद तक हल्का कर सकता है। गाड़ी का शोरूम प्राइस भले ही तय दिखता हो, लेकिन ऑन-रोड कीमत पर बातचीत की हमेशा गुंजाइश बनी रहती है।

कार बाजार में हर डीलर के पास ग्राहकों को आकर्षित करने और अपना स्टॉक निकालने का एक दायरा होता है। जब आप शोरूम जाएं, तो सबसे पहले सेल्स एग्जीक्यूटिव के शुरुआती ऑफर पर ही संतुष्ट न हों। बेझिझक अतिरिक्त कैश डिस्काउंट या कॉर्पोरेट छूट के बारे में बात करें। जिन गाड़ियों की बिक्री थोड़ी सुस्त होती है या जो मॉडल शोरूम के यार्ड में काफी समय से खड़े होते हैं, उन पर डीलर अक्सर बड़ा मार्जिन छोड़ने को तैयार हो जाते हैं। अगर आपको कार के रंग से बहुत ज्यादा परहेज नहीं है, तो उन रंगों के बारे में पूछें जिनकी मांग बाजार में कम है। ऐसे वेरिएंट्स या रंगों पर कंपनियां और शोरूम मालिक जल्दी डिलीवरी के साथ-साथ तगड़ा डिस्काउंट भी दे देते हैं।

अगर आपके घर में पहले से उसी ब्रांड की कोई गाड़ी मौजूद है, तो लॉयल्टी बोनस का दावा करना न भूलें। कंपनियां अपने पुराने ग्राहकों को जोड़े रखने के लिए विशेष छूट देती हैं। इसके अलावा, यदि आप अपनी पुरानी कार देकर नई गाड़ी ले रहे हैं, तो एक्सचेंज बोनस का पूरा फायदा उठाएं। ध्यान रखें कि पुरानी गाड़ी का मूल्यांकन केवल उसी एक शोरूम पर न छोड़ें, बल्कि बाहर के यूज्ड कार मार्केट में भी उसकी सही कीमत का पता लगा लें ताकि आपको सही सौदा मिल सके। फुल पेमेंट या कैश में गाड़ी खरीदने की स्थिति में भी डीलर से एक्स्ट्रा मार्जिन की मांग की जा सकती है।

एक और अहम जगह जहां आप बड़ा फायदा निकाल सकते हैं, वह है कार इंश्योरेंस। आमतौर पर डीलर जो बीमा पॉलिसी फाइल में जोड़कर देते हैं, उसका प्रीमियम काफी ज्यादा होता है। ग्राहकों के पास यह पूरा अधिकार होता है कि वे बाहर की इंश्योरेंस कंपनियों से रेट की तुलना करें। डीलर से सीधे कहें कि वे बाहर मिलने वाले प्रीमियम कोटेशन से अपनी कीमत मैच करें, या फिर आप बीमा खुद बाहर से लेंगे। सिर्फ इंश्योरेंस के मामले में ही आपकी 10 से 25 हजार रुपये तक की सीधी बचत हो सकती है।

अपनी पसंद की कार तय करने के बाद कभी भी सिर्फ एक ही शोरूम पर निर्भर न रहें। अपने शहर या आसपास के दो-तीन अलग-अलग डीलर्स के पास जाएं और उनसे लिखित में ऑन-रोड प्राइस का कोटेशन लें। जब एक डीलर को पता चलता है कि ग्राहक दूसरे शोरूम से भी बात कर रहा है, तो वह ग्राहक को रोकने के लिए एक्सेसरीज, एक्सटेंडेड वारंटी या ज्यादा डिस्काउंट का ऑफर देने लगता है।

खरीदारी का समय भी आपकी बचत का बड़ा पैमाना बनता है। कैलेंडर ईयर का आखिरी महीना यानी दिसंबर और फाइनेंशियल ईयर का अंत यानी मार्च, ये दो ऐसे मौके होते हैं जब शोरूम्स पर टारगेट पूरा करने और पुराना स्टॉक खाली करने का भारी दबाव होता है। इस दौरान डीलर किसी भी तरह गाड़ी बेचना चाहते हैं, जिससे खरीदारों के लिए सबसे बेहतरीन मोलभाव करने का मौका बन जाता है। थोड़ा धैर्य और सही जानकारी के साथ की गई बातचीत आपको एक शानदार डील दिलवा सकती है।